- केंद्रीय राज्यमंत्री ने प्रदेश के पशुधन मंत्री को मामले में लिखा पत्र
- गढ़मुक्तेश्वर के मेले में प्रतिबंध को लेकर लिखा गया है पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा मेले में भैंसा-बुग्गी पर लगाई गई रोक को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने गलत करार दिया है। बालियान ने कहा कि लंपी बीमारी भैंस वंश के पशुओं में नहीं मिली है। मेले में भैंसी-बुग्गी के जाने पर लगी रोक को तुरंत ही हटाया जाना चाहिए।
शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह को पत्र लिखा है। बालियान ने कहा कि मेले में आसपास के राज्यों के लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। पिछले दो साल से कोविड के कारण मेले का आयोजन नहीं हो पाया था। गढ़ मुक्तेश्वर के मेले में प्रशासन ने गधे, घोड़े, खच्चर, गाय, बैल और भैंसा-बुग्गी पर रोक लगा दी है। लंपी बीमारी इसकी वजह बताई गई है, जबकि भैंस वंश के पशुओं में अभी तक यह बीमारी सामने नहीं आई है। गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण भी शत प्रतिशत किया जा चुका है। भैंसी-बुग्गी मेले में पहुंचने के लिए लोगों का निजी और प्रमुख साधन है। इसी वजह से भैंसा-बुग्गी पर लगाई गई रोक को तुरंत हटाया जाना चाहिए।