राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता विजय चौक पर सीएमओ कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए। उन्होंने बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के फोटो लगे पुतले को जूते-चप्पल की माला पहनाई। इसके बाद वहां से पैदल मार्च निकाला। मौलाना के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता शिव चौक पर पहुंचे।
वहां पर उन्होंने मौलाना के पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल प्रदेश के मुखिया हैं, बल्कि एक प्रतिष्ठित संत और गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर भी हैं। उनकी मां के लिए इस तरह की घृणित और जिहादी भाषा का प्रयोग पूरे सनातनी समाज का अपमान है।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सीओ सिटी जितेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने मौलाना के विरुद्ध रासुका के तहत कार्रवाई करने और ऐसे भड़काऊ और अपमानजनक बयान प्रसारित करने वाले डिजिटल प्लेटफार्म और सोशल मीडिया अकाउंट्स को बैन करने, नवरात्र में मांस-मदिरा की दुकानों को बंद किए जाने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो गांव-गांव से हिंदू समाज को इकट्ठा कर आंदोलन करने को बाध्य होगा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मिथुन सिरोही, रामनिवास, देवीचंद, अनुज, नीरज कुमार, रितिक आदि मौजूद रहे। इस दौरान शांति एवं सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी बल मौजूद रहा।