बहादरपुर को बनाया गया स्पोर्ट्स विलेज
मुजफ्फरनगर। सदर ब्लाक के गांव बहादरपुर- खेड़ी विरान को खेल गांव बनाया गया है। इस गांव में खेलों की सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। मंगलवार को गांव के परिषदीय स्कूल में आयोजित समारोह में देश के नामचीन खिलाड़ी एकत्र हुए। खेलों की दुनिया को एक छोटे से गांव में उतारने का श्रेय जाता है स्पोटर्स: ए वे ऑफ लाइफ एनजीओ के अध्यक्ष एवं आईएमटी गाजियाबाद के स्पोर्ट्स रिसर्च सेंटर के हैड डॉ कनिष्क पांडेय को, जिन्होंने इसकी शुरूआत की।
देश में खेलों के पिछड़ने को लेकर डॉ कनिष्क ने वैज्ञानिक शोध किया और फिर स्पोर्ट्र्स निरक्षरता को दूर करने की मुहिम शुरू की। डॉ कनिष्क का कहना है कि जब हम खेलों के बारे में जानेंगे ही नहीं और हम आमजन विशेष रूप से बच्चों को खेलों के बारे में बताएंगे ही नहीं, तो ओलंपिक खेलों में पदक हम कैसे जीत पाएंगे। इसी भावना को लेकर जुड़वा गांव बहादरपुर- खेड़ी विरान को खेल गांव बनाया गया है। इस गांव में खेलने का समय शाम चार से छह बजे रखा गया है। इस बीच मोबाइल, टीवी बंद रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हॉकी के अर्जुन पुरस्कार प्राप्त अशोक ध्यानचंद ने कहा कि बच्चों का खेलो के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए स्पोटर्स: ए वे ऑफ लाइफ, आईएमटी गाजियाबाद एवं श्रीराम कॉलेज के द्वारा जो यह पहल की गई है, वह काबिले तारीफ है। यह जरूरी नहीं कि सपनों को साकार करने के लिए पैसा हो, जुनून एवं कठिन प्रयासों से भी सपने साकार होते हैं।
एथलीट अर्जुन अवार्डी गोपाल सैनी ने कहा कि यह गांव देश के लिए एक दीये के समान होगा, जिसकी रोशनी पूरे देश में फैलेगी और खेल तथा खेल संस्कृति की नई इबारत लिखेंगी। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजय शंकर पांडेय ने कहा कि यह आदर्श खेल गांव देश में खेल संस्कृति के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा और भविष्य में हमें उम्मीद है कि देश के सभी राज्यों की सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए इस मॉडल को अपनाएगी। श्रीराम ग्रुप आफ कॉलेज के चेयरमैन एससी कुलश्रेष्ठ ने कहा कि इस योजना से देश में खेल संस्कृति विकसित होगी। अतिविशिष्ट अतिथि कुश्ती के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता सतपाल यादव ने कहा कि दो दिन चली इस प्रतियोगिता में बच्चों ने जोश और जुनून के साथ उतरकर आयोजन को सफल बनाने के साथ-साथ अपने खेल कौशल की प्रतिभा को प्रदर्शित किया है। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का गुण भी विकसित होता है जो उनके व्यक्तित्व को निखारने का काम करता है। गांव में स्पोर्ट्र्स थिएटर का उद्घाटन अतिथि सुभाष पहलवान ने किया। कार्यक्रम डॉ प्रेरणा मित्तल, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ नीतू सिंह, डॉ अजीज, भूपेंद्र कुमार, संदीप कुमार, अमरदीप, अनुज, अंकित कुमार, रवि गौतम का सहयोग रहा।
क’ से कबूतर के साथ कबड्डी भी पढ़ाया जाएगा
मुजफ्फरनगर। बहादरपुर गांव में ‘क’ से कबूतर के साथ कबड्डी भी पढ़ाया जाएगा। शाम चार से छह बजे तक कंप्यूटर व टीवी नहीं चलेंगे, सिर्फ खेल होगा। गांव में स्पोर्ट्स शॉप खोली गई है। आधे दाम में खेल का सामान मिलेगा। गांव में एक एलईडी लगाई गई है, जिस पर केवल स्पोर्ट्स चैनल ही आएंगे। गांव में खेल मोटिवेटर होगा। आंगन से लेकर खेल के मैदान तक खेलने वालों को मैडल दिया गया।