बड़कली हत्याकांड : अदालत का फैसला सुन भावुक हुए परिजन
मुजफ्फरनगर। मुकदमे के वादी ब्रजवीर सिंह अदालत के फैसले के बाद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वारदात के बाद हमारा घर बर्बाद हो गया है। घर खंडहर है और आंगन सूना है। परिवार के जो सदस्य बच गए हैं, वह किसी तरह दूसरी जगह रहकर जीवन काट रहे हैं। 11 साल का समय हमारे लिए जैसे 11 सदियों की तरह बीता।
उन्होंने कहा कि हमें भगवान और अदालत पर पूरा भरोसा था। रात-दिन भगवान का जाप कर रहे थे, हमें बहुत लोगों ने बरगलाने का प्रयास किया, लेकिन 11 साल पीड़ा झेलकर मुकदमे का सामना किया। सुरक्षा की वजह से ही हम फैसले के दौरान भी अदालत में नहीं पहुंच सके। वादी के भतीजे रंजनवीर एडवोकेट का कहना है कि हमें इंसाफ मिल गया है। अदालत में लंबी लड़ाई चली। फैसले के वक्त सुरक्षा की वजह से अदालत नहीं जा सके।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनाई सजा
मुजफ्फरनगर। आंबेडकर नगर जेल में बंद मीनू त्यागी को वीडियो कांफ्रेंसिंग से सजा सुनाई गई। एसपी क्राइम ने अदालत को बताया कि आंबेडकर नगर जेल में सूचना भेजी गई थी, लेकिन पुलिसबल नहीं होने के कारण मीनू त्यागी को पेश नहीं किया गया। इसके बाद अदालत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से सजा सुनाई। चर्चित मामले की अदालत में सुनवाई के दौरान कुख्यात विक्की की कोर्ट रूम में हत्या कर दी गई थी। आरोपी सुशील शुक्ला और उपेंद्र की भी मौत हो चुकी है। किशोर होने की वजह से एक आरोपी की पत्रावलियां अलग कर दी गई थी। ब्यूरो
हाईकोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा : सुरेंद्र शर्मा
बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। निचली अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
अदालत में पेश किए 23 गवाह : जिंदल
वादी के अधिवक्ता अनिल जिंदल का कहना है कि अभियोजन की ओर से 23 गवाह पेश किए गए। अदालत के सामने हर तथ्य को साबित किया गया। अदालत ने इंसाफ किया है।
अभियोजन ने की मजबूत पैरवी : डीजीसी
मुजफ्फरनगर। डीजीसी फौजदारी राजीव शर्मा एवं एडीजीसी किरणपाल कश्यप ने कहा कि साजिश के तहत हत्याकांड़ को हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी। अदालत में अभियोजन पक्ष ने मजबूत पैरवी की, जिसकी बदौलत आरोपियों को वारदात में सजा हो सकी। ब्यूरो