चरथावल के दधेडू कलां की बिटिया आयशा परवीन के सिविल जज बनने से मिठाई खिलाते परिजन: संवाद
- कहा - बेटियां कॅरियर में उड़ान के लिए सपने पालें और पूरा करने के लिए हिम्मत से जुटें
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल। क्षेत्र के गांव दधेडू कलां की बिटिया आयशा परवीन सिविल जज बनी हैं। वह कहती हैं बेटियां कॅरियर में उड़ान के लिए सपने पालें और पूरा करने के लिए हिम्मत से जुटें, निश्चित कामयाबी कदमों को चूमेगी।
परिषदीय स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक सुलेमान की चार बेटियों में सबसे छोटी आयशा परवीन हैं। गांव के नेशनल जूनियर हाईस्कूल से वर्ष 2010 में हाईस्कूल एवं 2012 में नवाब अजमत अली खान इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। माता-पिता के मार्ग दर्शन में देहरादून पढ़ने चली गईं। 2019 में एमबीए किया। इसी साल सहारनपुर की फरहा नाज सिविल जज बनीं तो उनकी कामयाबी से प्रेरित होकर न्यायिक सेवा में जाने का इरादा बना लिया। एलएलबी के साथ पीसीएस (जे) की तैयारी शुरू कर दी। एलएलएम की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की। मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार के बाद अगस्त में परिणाम घोषित हुआ तो उसमें एक नंबर कम रह गया।
पुन: चेकिंग के लिए आवेदन कर दिया। दोबारा रिजल्ट घोषित हुआ तो 623 नंबरों के साथ उनका सिविल जज बनने का सपना पूरा हो गया। उनकी माता शाहनुमा गृहिणी हैं, दो भाई इंजीनियर हैं और एक डॉक्टरी की तैयारी कर रहा है। मामा शाहिद गौड़ बताते हैं कि भांजी का जज बनना पूरे गांव को गौरवान्वित कर रहा है।