मुजफ्फरनगर। जौला गांव के 18 साल के गन्ना किसान आसिफ की मेहनत मेरठ-करनाल हाईवे के किनारे सराय गांव के पास खेतों में लहलहा रही है। करीब 20 फीट ऊंचे गन्ने के खेत को देखने के लिए खेती-किसानी में दिलचस्पी रखने वाले राहगीर रुकते हैं। एक बीघा खेत में करीब 120 क्विंटल गन्ने का उत्पादन लोगों को हैरत में डाल रहा है।
किसान फरमान के सबसे बड़े बेटे आसिफ ने 18 साल की उम्र में ही जैविक खेती में महारत हासिल कर नाम कमाया है। वह बताते हैं कि 30 बीघा जमीन पर खेती कर रहे हैं। वर्तमान में उनके पास गन्ने की 0239 प्रजाति खड़ी है। बजाज शुगर मिल भैसाना ने इस प्रजाति की बुआई कराई थी।
पिछले चार साल से खेती कर रहे आसिफ ने जैविक विधि अपनाई। पशुओं का गोबर खाद के रूप में प्रयोग किया। वर्तमान में फसल की ऊंचाई 120 फीट पहुंच गई है। रोजाना खेतों को देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। किसान का कहना है कि अपने खेत में कड़ी मेहनत से फल जरूर मिलता है।
इस बार इन प्रजातियों की बुआई
आसिफ ने बताया कि वह इस बार 15023, 14201, 0118 और 13235 की बुआई की तैयारी है। इसके लिए वह अपने खेतों को तैयार कर रहा है।
रोजाना करता है 60 पूली की छिलाई
किसान आसिफ का कहना है कि परिवार में पिता फरमान, माता रिजवाना, छोटे भाई नवाजिश, रिहान और फरार है। वह खुद शाम के समय खेत में गन्ने की कटाई के लिए जाता है और सुबह से दोपहर तक गन्ने की छिलाई का कार्य करता है। वह रोजाना 60 पूली की छिलाई करता है।
चीनी मिल ने किया सम्मानित
बेहतर गन्ना उत्पादन के लिए भैसाना चीनी मिल की ओर से आसिफ को 31 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जा चुका है। प्रोत्साहन से उसे खेती करने में और अधिक रूचि बढ़ी।
रासायनिक खादों से दूरी बनाए किसान
आसिफ का कहना है कि किसानों को रासायनिक खादों से दूरी बनानी होगी। वह खुद अपने खेत में पशुओं के गोबर का खाद इस्तेमाल करता है।