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कद-काठी में कमजोर निकले युवा, सात जनपद के 1689 युवा हाइट में हुए हैं बाहर 

Sun, 10 Dec 2017 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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युवकों का मेडिकल करते सेना के चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला
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सेना भर्ती में अधिकांश युवा फिटनेस की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें सबसे बड़ी दिक्कत लंबाई की रही है। 1600 से अधिक युवा एंट्री गेट पर पहले राउंड लंबाई में ही बाहर हो गए। जबकि अन्य में शारीरिक दक्षता का लचीलापन मिला है। मजबूत कद-काठी के युवा कुल आए अभ्यर्थियों में दस फीसदी भी नहीं रहे हैं। 
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चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में चार दिसंबर से नौ तक मुरादाबाद और सहारनपुर मंडल के मुरादाबाद, सहारनपुर, बेहट, नकुड, देवबंद, रामपुर मनिहारन, अमरोहा, बिजनौर, धनौरा, हसनपुर, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, चांदपुर, शामली, बिलासपुर, मुजफ्फरनगर, कैराना, बुढ़ाना, खतौली और जानसठ के अभ्यर्थियों की सेना भर्ती के लिए दौड़-भाग के साथ फिटनेस की जांच की गई है।

सेना भर्ती के लिए औसत लंबाई 170 सेंटीमीटर रही, लेकिन इस औसत लंबाई तक पहुंचने में बड़ी संख्या में युवा फेल साबित हुए। 33316 अभ्यर्थी भर्ती में आए, मगर पहले राउंड में ही 1689 लंबाई कम होने के चलते बाहर हो गए। जबकि फिटनेस के राउंड दौड़, जंप आदि के बाहर हुए हैं। 
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युवा मिड पेरेंटल हाइट के शिकार 
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ योगेंद्र त्रिखा बताते हैं कि वेस्ट यूपी में माता-पिता मिड हाइट के हैं, जिसके चलते उनके बच्चे भी मिड पेरेंटल हाइट के शिकार है। इसमें बच्चा माता-पिता की औसत लंबाई के सापेक्ष ही रहता है। यदि बचपन से योग, दौड़ पुशअप किया जाए तो मिड पेरेंटल हाइट में लड़कों की हाइट मां-बाप से छह इंच अधिक हो सकती है, जबकि हमेशा इससे कम होगी। 

बढ़ता प्रदूषण और खान-पान भी जिम्मेदार 
मुजफ्फरनगर। डॉक्टर के अनुसार, प्रदूषण के साथ सही समय पर खान-पान नहीं मिल पाना भी औसत लंबाई को घटा रहा है। अधिकांश फैशनेबल हो रहे हैं, जो शारीरिक दक्षता पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। लंबाई बढ़ाने में प्रोटीन अधिक महत्वपूर्ण है। हालांकि वर्तमान समय में प्रदूषण और रसायनिक वस्तुओं के प्रयोग के दूध भी शुद्ध नहीं है। ऐसे में युवाओं को दाल, सोयाबीन, अंडे, पनीर के साथ प्रोटीनयुक्त भोजन, एक्साइज महत्वपूर्ण है। 

भर्ती को देर रात तक चला मेडिकल परीक्षण
सेना भर्ती के लिए दौड़-भाग के बाद चुने गए अभ्यर्थियों का रविवार से मेडिकल परीक्षण प्रारंभ किया गया है। सेना के अफसरों की मौजूदगी में चिकित्सकों ने युवाओं को मेडिकल टेस्ट लिया। टेस्ट में उत्तीर्ण होने वाले युवाओं को अभी दो और चुनौतियों का सामना कर सेना में जाने का ख्वाब पूरा होगा।

सेना भर्ती के लिए छह दिन दौड़ कराकर 2800 से अधिक युवाओं को चयनित किया गया है, जिनमें सबसे अधिक मुजफ्फरनगर जनपद के हैं। उसके बाद मुरादाबाद-रामपुर के युवा है। शनिवार को दौड़ का अंतिम चरण रखा गया था। रविवार से चुने गए अभ्यर्थियों का मेडिकल टेस्ट लिया जाना शुरु हो गया। यह प्रक्रिया 12 दिसंबर तक चलेगी। मेडिकल की कसौटी पर खरे उतरने वाले अभ्यर्थियों को सेना के अफसर प्रवेश पत्र के साथ विशेष कोड दे रहे हैं।

इन अभ्यर्थियों को जनवरी के अंतिम सप्ताह में लिखित परीक्षा होगी। उसके बाद इंटरव्यू कराया जाएगा। इन दोनों चुनौतियों को उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को मेरठ से ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। रविवार देर रात तक अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षण किया गया। जिनमें से चयनितों को अगले राउंड के लिए रखा गया। कर्नल रजनीश मेहता ने बताया कि परीक्षण रविवार रात का जारी रहा है। परीक्षण खरे उतरने वाले अभ्यर्थियों को ही आगे रखा जाएगा।
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आंकड़ों पर एक नजर 
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तिथि------पहुंचे---हाइट में रिजेक्ट 
4 दिंसबर---4800----------263 
5 दिसंबर---5585----------285 
6 दिसंबर---5256----------314 
7 दिसंबर---5781----------330 
8 दिसंबर---5264----------264 
9 दिसंबर---6630----------233 
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कुल संख्या--33316-----1689 
सेना ने फिटनेस पर चुने युवा 
पहले दिन---419 
दूसरे दिन----408 
तीसरा दिन---318 
चौथा दिन---461 
पांचवां दिन--515 
छठवां दिन--690 
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कुल------2811 
 
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