मुजफ्फरनगर के मालवीय चौक पर सुबह फैली धुध में गंतव्य को जाते वाहन सवार।
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मुजफ्फरनगर। हवा की खराब गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। सोमवार को एक्यूआई दोपहर के समय 384 पर पहुंच गया। 2021 में हवा की गुणवत्ता का सबसे खराब स्तर है। इससे पहले 15 जनवरी को एक्यूआई 380 पर ही पहुंचा था।
दिवाली के बाद से मौसम के मिजाज में सुधार नहीं हो पा रहा है। आतिशबाजी और पटाखे छुड़ाने से एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार बढ़ रहा है। पिछले चार दिन में ही यह लगभग दोगुने स्तर पर पहुंच गया। आने वाले सप्ताह में इसके और अधिक बढ़ने की आशंका है, जिससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। ठंड बढ़ते ही स्मॉग का असर भी बढ़ेगा।
इन तिथियों में बही सबसे प्रदूषित हवा
माह एक्यूआई
15 जनवरी 380
19 फरवरी 280
18 मार्च 321
02 अप्रैल 322
01 मई 334
09 जून 355
01 जुलाई 330
26 अगस्त 160
06 सितंबर 140
21 अक्तूबर 305
08 नवंबर 384
प्रदूषण रोकने के लिए कर रहे प्रयास
जिला प्रदूषण अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि शहर के चिह्नित एरिया में पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। एंटी स्मॉग गन का प्रयोग भी किया जा रहा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। खुले में निर्माण सामग्री डालने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। सोमवार को नई मंडी क्षेत्र में अभियान चलाया गया।
प्रदूषित हवा से बचाव है जरूरी
सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार का कहना है कि प्रदूषित हवा से बचाव जरूरी है। सांस, टीबी, अस्थमा और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के मरीजों को ऐसे समय में विशेष एहतियात बरतनी चाहिए। खासकर सुबह और शाम घर से न निकलें।