एक्यूआई 356, दूसरे दिन भी नहीं सुधरी हवा की सेहत
मुजफ्फरनगर। हवा की सेहत में दूसरे दिन भी स्तरीय सुधार नहीं दिखा। एयर क्वालिटी इंडेक्स चार सौ से नीचे गिरकर 356 पर जरूर पहुंचा, लेकिन हवा की गुणवत्ता खराब स्तर पर रही।
सुबह-शाम के समय स्मॉग से लोगों को मुश्किलें उठानी पड़ी। शुक्रवार को जिले का एक्यूआई देश में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया था। प्रदूषण के कारण यहां लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। शनिवार की हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है। सुबह से ही स्मॉग का असर देखने को मिला। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस तरह बिगड़ गई हवा
तिथि एक्यूआई
23 नवंबर 226
24 नवंबर 378
25 नवंबर 356
26 नवंबर 423
27 नवंबर 352
आंखों और सांसों को बचाना होगा
खराब हवा मुश्किलें खड़ी कर रही है। सांस, अस्थमा, टीबी के मरीज बेहाल है। लोगों की खांसी की परेशानी बढ़ गई है। आंखों में जलन से लोग बेहाल दिखे। गले में खरास की समस्या रही। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने कहा कि सांस संबंधी बीमारियों के मरीज प्रदूषित हवा से बढ़ रहे हैं।
प्रदूषण विभाग ने कराया छिड़काव
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि शहर में जगह-जगह पानी का छिड़काव कराया गया है। एंटी स्मॉग गन का प्रयोग भी किया गया। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि कूड़ा न जलाएं। निर्माण सामग्री खुले में न डालें। निर्माण स्थलों और फैक्टरी में पानी का छिड़काव करते रहें।
बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रविंद्र सिंह का कहना है कि मास्क का प्रयोग जरूर करें। हवा की गुणवत्ता खराब होने से अस्थमा के मरीज भी बढ़े हैं। बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।