- सुबह और शाम के समय छाया रहा स्मॉग, ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। हवा की गुणवत्ता रोज खराब हो रही है। पिछले तीन दिन में गुणवत्ता का स्तर खराब रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 254 पर पहुंच गया है। प्रदूषित हवा लोगों को नुकसान पहुंचा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। शहर में जगह-जगह पानी का छिड़काव कराया गया, लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ।
पहली नवंबर को एक्यूआई 200 के स्तर से नीचे चला गया तो लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर एक्यूआई का स्तर बेहद खराब रहा। हवा की गुणवत्ता का पैमाना 254 रिकॉर्ड किया गया। यह बेहद खराब स्तर माना जाता है। सुबह के समय नौ बजे तक स्मॉग छाया रहा। शाम के पांच बजे के बाद फिर कई क्षेत्र में स्मॉग की चादर फैल गई। प्रदूषित हवा के चलते जिला अस्पताल में सांस के रोगियों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सांस के 80 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि ज्यादा खराब हालत होने पर सांस के 10 मरीजों को भर्ती किया गया है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा कहते हैं कि हवा की खराब गुणवत्ता से बचाव के लिए यह जरूरी है कि मास्क और चश्मे का प्रयोग करें। सांस के रोगियों को सुबह-शाम के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
किस दिन किस तरह बढ़ा प्रदूषण
तिथि एक्यूआई
03 नवंबर 254
02 नवंबर 234
01 नवंबर 160
एंटी स्मॉग गन भी शहर में घुमाई
प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने शहर के विभिन्न मार्गों पर पानी के छिड़काव के साथ एंटी स्मॉग गन भी घुमाई। रुड़की राेड, भोपा रोड, सरकुलर रोड समेत शहर के विभिन्न मार्गों पर पानी का छिड़काव कराया गया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि प्रदूषण फैला रहे संस्थानों को चिह्नित कर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
खुली निर्माण सामग्री बढ़ा रही प्रदूषण
जिले में विभिन्न जगह मानकों को ताक पर रखकर खुली पड़ी निर्माण सामग्री प्रदूषण बढ़ा रही है। शामली रोड, जानसठ रोड के अलावा देहात क्षेत्र में चल रही निर्माण कार्यों पर पानी का नियमित छिड़काव नहीं किया जा रहा है। यही वजह है कि धूल उड़कर यहां प्रदूषण फैलाने का काम कर रही है।