अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। हस्तिनापुर वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रूप से जमीन पर कब्जे के आरोप में चार लोगों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। अपर सत्र न्यायाधीश रेखा सिंह की अदालत ने इस प्रकरण की सुनवाई की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मोरना रेंज के कल्याणपुर गांव में वन विभाग की भूमि पर बिहारगढ़ के रहने वाले आरोपी ओमप्रकाश, दिलेराम, अरुण और ब्रह्मपाल ने फसल बोने का प्रयास किया। वन विभाग के कर्मचारियों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने विरोध किया और जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि उन्होंने अजगर और कछुए जैसे वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को नष्ट करने का प्रयास किया। आरोपियों पर भोपा थाने में भारतीय वन अधिनियम, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम और लोक संपत्ति निवारण अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज है।
मामले की विवेचना पूरी हो चुकी है और पुलिस ने 17 मार्च 2025 को आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोपियों ने अग्रिम जमानत याचिका में खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुनकर अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया है।