डीजल-पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाना जनविरोधी
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक गुर्जर ने केंद्र सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के फैसले को जनविरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि 2014 से पूर्व जब कच्चा तेल 109 डालर प्रति बैरल था, तब पेट्रोल और डीजल की कीमत लगभग 71 रुपये थी। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 35 डालर प्रति बैरल से भी कम होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल के भाव आसमान छू रहे हैं।
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में कटौती के बाद सस्ते पेट्रोल, डीजल की आस लगाए देशवासियों को केंद्र सरकार ने बड़ा झटका दिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर तीन रुपये प्रति लीटर की दर से एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है, जो अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आम जनता को फायदा पहुंचाने के बजाय एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की है, जिससे सरकार को लगभग 40 हजार करोड रुपये का फायदा होगा और कच्चे तेल की कीमत कम होेने से सरकार को पहले ही 3.4 लाख करोड रुपये का फायदा हो चुका है। सरकार के इस कदम से किसानों के साथ-साथ आम लोगों पर इसका बुरा असर पडे़गा।