मुजफ्फरनगर। गाजियाबाद कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के साथ हुई घटना को लेकर जिले के वकीलों में आक्रोश है। अधिवक्ताओं ने चार नवंबर को न्यायिक कार्यों से विरत रहकर विरोध- प्रदर्शन करने का एलान किया। एसोसिएशन की आकस्मिक बैठक में पांच प्रस्ताव पारित किए गए। गाजियाबाद के जिला जज, लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के निलंबन करने की मांग की।
बुधवार को कार्यकारिणी कक्ष में बैठक हुई। जिला बार अध्यक्ष प्रमोद त्यागी एवं महासचिव सुरेंद्र मलिक एवं सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह मलिक, महासचिव सतेंद्र कुमार ने बताया कि गाजियाबाद में मंंगलवार को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार और अकारण पुलिस ने लाठी चार्ज किया। सर्वसम्मति से वहां के जिला जज के कृत्य की निंदा करते हुए निलंबन की मांग की। साथ ही उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही के लिए प्रयागराज उच्च न्यायालय, बार काउंसिल उत्तर प्रदेश में प्रस्ताव भिजवाने पर सहमति बनी।
हाईकोर्ट की केंद्रीय संघर्ष समिति एवं गाजियाबाद बार एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के दोनों बार एसोसिएशन के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं पर लाठियों और कुर्सियों से जानलेवा हमला करने के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा कायम कर उनके निलंबन के लिए शासन से मांग की जाए।