पितृ पक्ष में कौवे रूप में धरती पर आते हैं पूर्वज : पं. सतेंद्र
देवबंद। श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने भक्तों को पितृपक्ष का महत्व समझाया। बताया कि पितृपक्ष में पूर्वज कौवे रूप में धरती पर आते हैं। मान्यता है कि श्राद्ध करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
पंडित सतेंद्र शर्मा ने बताया कि यह समय पुण्य प्राप्त करने का होता है। श्राद्ध के दिनों में हम अपनी तमाम समस्याओं को निवारण कर सकते हैं। इन दिनों में नए और शुभ काम नहीं किए जाते हैं। जिन पुरुषों के माता पिता जीवित हैं और जिन स्त्रियों के सास ससुर जीवित हैं उनके ऊपर पितृपक्ष के नियम लागू नहीं होते हैं। उन्होंने बताया कि पितृपक्ष के दौरान 15 दिनों तक घर में मांसाहारी भोजन नहीं बनाना चाहिए। पितृपक्ष में श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को 15 दिनों तक बाल कटवाने, दाढ़ी बनवाने और नाखून कटवाने से परहेज करना चाहिए। साथ ही नये कपड़े भी नहीं पहनने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में मांगलिक कार्य निषेध माने गए हैं। इसलिए विवाह, सगाई और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। इस मौके पर पंडित सतेंद्र शर्मा, विशाल शर्मा, गौरव, वैभव, मंजू आदि रहे।