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Muzaffarnagar News: मेरठ देहात के लिए ... मुजफ्फरनगर - अखिलेश यादव ने चार घंटे लिए सुझाव, मलिक को हरी झंडी

Fri, 16 Feb 2024 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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लखनऊ में सपा अध्यक्ष अ​खिलेश यादव से मिलते जिले प्रमुख सपा नेता
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- बिजनौर से पूर्व सांसद कादिर राना को चुनाव लड़ाने की चर्चा
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- लखनऊ में जिले के प्रमुख नेताओं को बुलाकर पूर्व मुख्यमंत्री ने की वार्ता
फोटो समेत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर सीट पर चार घंटे प्रमुख पदाधिकारियों के साथ मंथन किया। सुझाव लिए गए। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक को चुनाव लड़ाने पर सहमति बन गई है। यही नहीं बिजनौर से पूर्व सांसद कादिर राना के नाम का प्रस्ताव भी जिले के नेताओं ने रखा, लेकिन उनके नाम पर अंतिम सहमति नहीं बनी है।
गठबंधन से रालोद के अलग हो जाने के बाद सपा ने चुनावी तैयारियों को गति देनी शुरू कर दी है। लखनऊ में जिले के प्रमुख नेताओं को बुलाकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को बातचीत की। चुनाव की तैयारियों के विषय में पूछा। साथ ही समीकरण भी जानें। गठबंधन और प्रत्याशियों के नाम पर भी चर्चा की गई। पूर्व सीएम ने कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए। बिजनौर लोकसभा की पुरकाजी सुरक्षित और मीरापुर सीट के नेताओं ने सुझाव दिया है कि पूर्व सांसद कादिर राना को यहां से चुनाव लड़ाना चाहिए। सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने बताया कि मुजफ्फरनगर से पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के नाम पर सहमति बन गई है, जबकि बिजनौर को लेकर सुझाव दिया गया है। अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व को ही करना है।
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ये पदाधिकारी हुए शामिल
पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व सांसद कादिर राना, सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, विधायक पंकज मलिक, मुकेश चौधरी, हाजी लियाकत अली, राकेश शर्मा, बॉबी त्यागी, सोमपाल भाटी, श्यामपाल सैनी, राजकुमार यादव, पूर्व मंत्री किरणपाल कश्यप समेत जिले के करीब 80 पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए।

सपा ने गठबंधन नहीं तोड़ा
सपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी ओर से रालोद के साथ गठबंधन नहीं तोड़ा गया है। रालोद ने ही खुद को अलग किया है। चुनाव लड़ने के लिए उन्हें सात सीट पार्टी की ओर से दी गई थी।
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इन सीटों के प्रत्याशियों की रही गूंज
मुजफ्फरनगर के पदाधिकारियों की बैठक में कैराना और मुजफ्फरनगर सीट को लेकर खूब चर्चा रही। दावा किया गया कि गठबंधन के दौरान रालोद की ओर से ही कैराना सीट पर इकरा हसन का नाम प्रस्तावित किया गया था। मुजफ्फरनगर सीट पर सुझाव दिया गया था कि अगर रालोद अध्यक्ष के परिवार से कोई चुनाव नहीं लड़ता तो तब हरेंद्र मलिक को प्रत्याशी बनाया जाए।
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