कोर्ट में पेश होने के लिए जाते रालोद नेता अजीत राठी
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
छह साल पुराने मामले में अदालत में हाजिर हुए अजीत राठी, जमानत कराई
मुजफ्फरनगर। छह साल पुराने रेलवे एक्ट के मामले में रालोद के संगठन महासचिव अजीत राठी ने अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है।
रालोद ने छह साल पहले खतौली तहसील में बकाया भुगतान और गन्ना मूल्य के लिए धरना प्रदर्शन किया था। प्रशासन के अधिकारी धरने पर नहीं पहुंचे तो रालोद कार्यकर्ता खतौली रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए थे। इस मामले में अजीत राठी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। अदालत में हाजिर नहीं होने पर उनके गैर जमानत वारंट जारी हो गए थे। बृहस्पतिवार को उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से जमानत प्रार्थना दाखिल किया गया। अदालत ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। रालोद नेता करीब छह घंटे अदालत में रहे।
गोकशी के आरोपी को गैंगस्टर कोर्ट से दो साल की सजा
मुजफ्फरनगर। दो साल पहले खतौली पुलिस ने छापा मारकर मोहल्ला इस्लामनगर रहमतुल्लाह चौक के पास स्थित घर से हसरत कुरैशी, इकराम कुरैशी, और शहजाद कुरैशी को गिरफ्तार किया था। गोकशी के उपकरण बरामद किए थे। पुलिस ने तीनों का गैंगेस्टर एक्ट में भी चालान किया था और आरोप पत्र दाखिल किया था। प्रकरण की सुनवाई गैंगेस्टर कोर्ट के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने की। आरोपी हसरत कुरैशी को गिरोह बनाकर गोवंश की तस्करी करने के आरोप में दो साल की सजा और 5000 जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी इकराम के विरुद्ध विचारण में प्रचलित है, जबकि तीसरे आरोपी को सजा हो चुकी है। पैरवी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह, विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर व राजेश शर्मा ने की।