मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक कॉलेजों को उस क्षेत्र की यूनिवर्सिटी से संबंद्ध कर दिया है। नियम के अनुसार विश्वविद्यालय में संकाय अध्यक्ष क्षेत्र के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य को बनाया जाना था।
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी ने खुर्जा के एक निजी कॉलेज के प्राचार्य को बना दिया। इसकी शिकायत मुजफ्फरनगर के स्वामी कल्याणदेव आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डीके मौर्य ने पीएमओ से की। पीएमओ के एक्शन के बाद युनिवर्सिटी को अपना निर्णय बदलना पडा।
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी ने छह माह पूर्व आयुर्वेद महाविद्यालय खुर्जा के प्राचार्य ओमप्रकाश को यूनिवर्सिटी में डीन घोषित किया था। नियम के अनुसार यदि राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज विश्वविद्यालय क्षेत्र में है तो उसी का प्राचार्य डीन बनाया जायेगा। स्वामी कल्याणदेव राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज मुजफ्फरनगर के प्राचार्य डॉ डीके मौर्य ने कुलपति से इसकी शिकायत की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। विश्वविद्यालय में कई शिकायतों और चक्कर लगाने के बाद जब वह निराश हो गये तो उन्होंने प्रदेश सरकार को शिकायत की। इस पर भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने पीएमओ को पत्र लिखा। पीएमओ ने पत्र मिलने के बाद प्रदेश के मुख्य सचिव से जवाब-तलब किया। मुख्य सचिव ने जैसे ही विश्वविद्यालय को पत्र लिखा तो निर्णय बदल दिया गया।
विश्वविद्यालय की ओर से डीके मौर्य को संकाय अध्यक्ष बनाये जाने का पत्र जारी कर दिया गया। प्राचार्य डॉ डीके मौर्य ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।