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स्याही लगाने के बाद से कम हुई भीड़  

Fri, 18 Nov 2016 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर में बैंक के बाहर लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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बैंक के बाहर लाइन में लगकर करेंसी चेंज और खाते से पैसे निकालने वाले लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। बृहस्पतिवार को करेंसी बदलने का कार्य मुख्य रूप से एसबीआई और पीएनबी की मुख्य शाखाओं पर ही हुआ। अन्य बैंकों की कुछ शाखाओं पर ही नोट बदले गए। अधिकतम बैंकों ने केवल खाताधारकों को ही नई करेंसी दी। भीड़ को कम करने के लिए नोट चेंज कराने वाले लोगों को स्याही लगाई गई। स्याही लगने के बाद से नोट बदलने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है। 

नोट बदलने की प्रक्रिया में बैंकों के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। इतना जरूर है कि अंगुली पर स्याही लगाने का नियम लागू होने के बाद नोट बदलने के लिए लगी लाइनों की भीड़ कुछ कम हुई है। नई करेंसी के नहीं आने और 100 और उससे छोटे नोटों की पूर्ति नहीं होने के कारण बैंकों के सामने सबसे ज्यादा परेशानी है। शहर के हालात देखें तो इस समय सब कुछ एसबीआई और पीएनबी की शाखाओं पर ही निर्भर है।
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रेलवे स्टेशन की एसबीआई शाखा पर सबसे लंबी लाइन दिखाई दी। इसी के साथ नईमंडी, रामपुरी शाखा पर भी लंबी कतारें सुबह से ही लग गईं। आम आदमी को घर का खर्च चलाने के लिए सब कुछ छोड़कर सुबह से लाइन में लगना पड़ रहा है। पीएनबी की नईमंडी, शिवचौक शाखा पर सबसे लंबी लाइन रही। शहर के अधिकांश बैंकों ने ग्राहकों से केवल पुराने नोट जमा कराए। उन्हीं लोगों को नई करेंसी दी, जिनका उनके बैंक में खाता है। सहकारी बैंकों में आरबीआई पहले ही रोक लगा चुकी है, इससे भी जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।       

शादी वालों को मिलेगी राहत      
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने शाम के समय बैंक अधिकारियों के साथ बैठक ली। जिन परिवारों में शादी है, उन्हें ढाई लाख एकमुश्त देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शादी का कार्ड दिखाने के साथ कुछ औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी। शुक्रवार से ही लोगों को राहत मिलनी शुरू हो जाएगी।       

गड्डी में आठ नोट कम निकले      
मुजफ्फरनगर। कैनरा बैंक से ली गई एक हजार की गड्डी में 50-50 के आठ नोट कम निकलने की शिकायत रामपाल गुप्ता ने डीएम से की है। डीएम ने बैंक मैनेजर से बात कर समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। गुप्ता ने बताया कि उसने बुधवार को पैसे लिए थे, भीड़ से बाहर आकर पैसे गिने तो कम निकले।       

पैसे के अभाव में हुई पिता की मौत
मुजफ्फरनगर। दधेडू कलां के शाहनजर ने डीएम डीके सिंह को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि उसके पिता इरफान पेट की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। अपने पिता का इलाज पहले प्राइवेट हॉस्पिटल में कराया। बाद में पर्याप्त पैसा नहीं होने के कारण जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। उसके पिता का आपरेशन होना था, लेकिन पैसा बैंक में होने के कारण आपरेशन नहीं हो पाया। इससे दो दिन पूर्व उनकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद मांगी है। डीएम ने पारिवारिक लाभ योजना में पैसा देने की बात कही है।       

उपभोक्ता समिति ने किया समर्थन      
मुजफ्फरनगर। जनकल्याण उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष मनेश गुप्ता ने पीएम नरेंद्र मोदी के कदम को आक्रामक और साहसी बताया है। उन्होंने कहा कि देश में आतंकवाद के लिए काला धन जिम्मेदार है। कश्मीर में एकदम स्थिति का सुधरना इसका उदाहरण है।       

जनता को राहत मिलनी चाहिए      
मुजफ्फरनगर। सर्व अल्पसंख्यक कल्याण समिति ने पीएम नरेंद्र मोदी के नोट बंदी के निर्णय को गलत बताते हुए आम आदमी को परेशान करने वाला बताया। अध्यक्ष मुर्तजा सलमानी ने कहा कि काला धन के नाम पर आम जनता को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उधर, शहर कांग्रेस कमेटी ने भी केंद्र सरकार के फैसले की निंदा की है। निर्णय को आम जनता को परेशान करने वाला बताया है। नगर अध्यक्ष सतीश गर्ग ने कहा कि आम जनता पर काला धन नहीं है। 
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डीएम ने बैंकों का किया निरीक्षण      
मुजफ्फरनगर। करेंसी चेंज और खातों में पैसा जमा करने और निकालने की स्थिति को डीएम ने बैंकाें में जाकर देखा। शहर के विभिन्न बैंकों का निरीक्षण करने के दौरान उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। डीएम ने बताया कि जिस तरह बैंकों के पास आगामी चार दिनों में करेंसी आने की सूचना है, इससे लगता है कि मंगलवार तक जिले में समस्या का निराकरण हो जाएगा।       
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