मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना में 47 साल बाद सरकारी मंडी स्थापित होने का रास्ता साफ हो गया है। मंडी स्थापना के लिए 1977 में शासन ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। बावजूद बुढ़ाना के स्थानीय व्यापारी मंडी का इंतजार कर रहे हैं। इस मामले में जनहित याचिका स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। कस्बावासियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर हाईकोर्ट का आदेश और गजट नोटिफिकेशन की प्रतियां जमा कराई।
बृहस्पतिवार को समाजसेवी काजी एहतेशाम सिद्दीकी के नेतृत्व में कसबे के व्यापारी कलक्ट्रेट पहुंचे। पांच दशक पूर्व बुढ़ाना और शाहपुर में कृषि उत्पादन मंडी की स्थापना की मांग की गई थी। 1977 में शासन की ओर से दोनों कस्बों में मंडी स्थापना का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था। शाहपुर में किसानों की जमीन क्रय कर मंडी की स्थापना कर दी गई थी। लेकिन बुढ़ाना में व्यापारी मंडी स्थापना का इंतजार करते रहे।
जनहित याचिका हाईकोर्ट इलाहाबाद में लगाई गई थी, जिस पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट के सख्त रुख से मंडी स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। कलक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश की प्रति सहित 1977 में जारी गजट नोटिफिकेशन की प्रति डीएम कार्यालय में जमा कराई। उन्होंने बताया कि 47 वर्षो से बुढ़ाना क्षेत्र के लोगों के साथ नाइंसाफी की जा रही थी। शादाब कुरैशी, अब्दुल्ला, सतीश आदि शामिल रहे।