पुलिस बोर्ड (सांकेतिक तस्वीर)
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क्या था मामला
पुलिस ने खुलासा किया था कि समीर का आरोपियों के साथ करीब 40 लाख रुपये के लेन-देन का हिसाब था। मृतक अपने रुपये मांग रहा था लेकिन आरोपियों ने देने से मना कर दिया और हत्या की साजिया रची। शहर से कार में ले जाकर भोपा क्षेत्र के सीकरी फार्म पर रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को मिट्टी में दबा दिया।
वारदात के दिन हुआ था चैंबर का उद्घाटन
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया गया है कि मृतक मोहम्मद समीर एडवोकेट नही था, क्योंकि वह निजी व्यापार भी करता था। इस पर अभियोजन की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया कि यह बात सही है कि समीर एडवोकेट पूर्व में निजी व्यापार भी करता था और नया-नया बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन कराकर अधिवक्ता नियुक्त हुआ था। अजहर ने अपने मुख्य बयान में कथन किया है कि घटना के दिन ही समीर ने कचहरी में अपने चैंबर का उद्घाटन किया।