मुजफ्फरनगर। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार की ओर से एसडीएम सदर निकिता शर्मा पर लगाए गए आरोपों की जांच शुरू हो गई है। डीएम उमेश मिश्रा ने जांच एडीएम प्रशासन संजय कुमार सिंह को दी है। जल्द से जल्द जांच पूरी करने के लिए कहा गया है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने लोगों की ओर से संज्ञान में प्रकरणों को लाए जाने का हवाला पत्र में दिया था। अमर उजाला ने 27 जून को पेज दो पर प्रकरण का समाचार प्रकाशित किया था। शासन के उपसचिव की ओर से प्रकरण की जांच के लिए डीएम को पत्र भेजा गया था। शुक्रवार को दिनभर यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। एडीएम प्रशासन ने बताया कि उन्हें इस मामले की जांच मिल गई है। जल्द से जल्द जांच पूरी कर वह अपनी रिपोर्ट देंगे।
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कैबिनेट मंत्री ने इस तरह लिखा था पत्र
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी सुरक्षित सीट से विधायक एवं कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखा। उनका कहना था कि निकिता शर्मा उपजिलाधिकारी सदर के पद पर तैनात है। इनका व्यवहार जनप्रतिनिधियों और जनता के प्रति अच्छा नहीं है। यह भी संज्ञान में लाया गया है कि इनके द्वारा भू-माफियाओं से मिलकर जमीनों की अवैध रूप से प्लाटिंग कराई जा रही है, जिसके कारण जनता में रोष व्याप्त है। उपजिलाधिकारी का स्थानांतरण अन्यत्र जगह किया जाना चाहिए। इसके अलावा भूमि से संबंधित अवैध कार्येां की जांच कराने के निर्देश जारी करने की मांग रखी गई थी। ब्यूरो
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महाराज की सरकार, नहीं होने देंगे भ्रष्टाचार : मंत्री
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मुजफ्फरनगर। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार पहली बार इस मामले में सामने आए। उन्होंने कहा कि पत्र लिखा गया था। जनता की ओर से एसडीएम सदर के कार्यालय में नहीं बैठने की शिकायतें मिल रही थी। जो लिखा है, वह आम जनता की भावना है। शासन को इसमें फैसला लेना है। यह महाराज जी की सरकार है, इसमें भ्रष्टाचार नहीं होगा। ब्यूरो
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आधिकारिक जानकारी नहीं मिली : एसडीएम
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एसडीएम सदर निकिता शर्मा का कहना है कि मीडिया के माध्यम से ही उन्हें जानकारी मिली है, अभी आधिकारिक रूप से उन्हें नहीं बताया गया है। अगर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं तो यह बेबुनियाद है। अपने क्षेत्र में बेहतर से बेहतर कार्य किए गए हैं।