फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर ब्लैकमेल करती है पीड़िता
मुजफ्फरनगर। चार लोगों के खिलाफ चार दिन पूर्व घर में घुसकर तेजाब डालने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला आरोपों के घेरे में आ गई है।
शाहपुर क्षेत्र के गांव निवासी महिला ने चार दिसंबर को तहरीर देकर चार लोगों पर घर में घुसकर तेजाब डालने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार दोपहर जनपद के साथ ही शामली व बागपत के भी महिलाएं व ग्रामीण पुलिस ऑफिस पहुंचे और एसपी सिटी सतपाल आंतिल व एसपी देहात नेपाल सिंह से मिलकर कथित तेजाब पीड़िता पर संगीन आरोप लगाए।
ग्रामीणों का कहना है कि महिला वर्ष 2016 से लगातार लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रही है और बाद में फंसाए गए लोगों को ब्लैकमेल करते हुए उनसे फैसले के नाम पर लाखों रुपये ऐंठती है। ग्रामीणों ने सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर महिला के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। एसपी सिटी सतपाल आंतिल का कहना है कि पुलिस जांच में भी महिला द्वारा कई फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर बेकसूर लोगों पर वसूली का दबाव बनाने के मामले सामने आए हैं। उक्त सभी मामलों की भी जांच की जाएगी, जिसके बाद जरूरत पड़ने पर आरोपी महिला के खिलाफ धारा-182 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
केस एक- कस्बा बुढ़ाना निवासी आरिफ ने बताया कि उसकी बहन की वर्ष 2016 में ससुराल में जलाकर हत्या कर दी गई थी। उक्त घटना का वाद न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने महिला से मिलकर लड़की पक्ष पर 26 सितंबर को सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगवा दिया। शहर कोतवाली पुलिस द्वारा जांच में फर्जी पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिस पर महिला ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की हुई है। उक्त मामले में महिला ने अपनी सहेली को गवाह बनाया हुआ है। पीड़ित आरिफ ने मामले में कार्रवाई न होने पर आत्मदाह की भी चेतावनी दे डाली।
केस दो- जनपद बागपत के कुलदीप शर्मा के परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व कुलदीप के खिलाफ महिला की सहेली ने बागपत में कार में अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। इस मुकदमे में महिला गवाह बनी हुई है। अब कुलदीप पक्ष से समझौते के नाम पर रुपयों की मांग की जा रही है।
केस तीन- जनपद शामली के आदर्श मंडी निवासी सेवानिवृत्त सहायक लिपिक महिपाल सिंह ने बताया कि उनके एक परिचित ने महिला से मिलकर उनके खिलाफ आदर्श मंडी थाने में वर्ष 2016 में दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। इसमें महिला की सहेली गवाह बनी है। आरोप है कि महिला द्वारा फर्जी मामले में फैसले के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन महिपाल ने रुपये देने से इंकार कर दिया। उक्त मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।