मुजफ्फरनगर। ककरौली क्षेत्र के खेड़ी फिरोजाबाद के डॉक्टर शमशाद की हत्या के मामले में 28 साल बाद साक्ष्य के अभाव में दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया गया। जिला जज विनय कुमार द्विवेदी ने फैसला सुनाया।
मामला 25 जुलाई 1996 का है। स्कूटर पर सवार होकर डॉ. शमशाद मुजफ्फरनगर से दवाई लेकर अपने गांव खेड़ी फिरोजाबाद लौट रहे थे। नहर पटरी पर हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और रोकने का प्रयास किया। डॉक्टर ने स्कूटर नहीं रोका तो गोली चला दी गई। गोली लगने से डॉ. शमशाद की मौत हो गई। पुलिस ने हत्या के मामले में खेड़ी फिरोजाबाद निवासी डॉ. नजर मोहम्मद और तेजलहेड़ा निवासी अफसर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई जिला जज ने की। अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। विवेचक आरोपियों से कोई बरामदगी नहीं कर पाए और गवाहों ने भी अभियोजन की कहानी का अदालत में समर्थन नहीं किया। संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।