मुजफ्फरनगर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी में लगे लोगों को अब 2021 को इंतजार करना पड़ेगा। कोरोना महामारी के चलते चुनाव छह माह के लिए टलना तय हो गया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जनपद के गांवों में राजनीति की गोटियां बिछाई जा रही थीं। कोरोना संक्रमण के लगातार प्रसार के बावजूद गांव प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाले लोग विभिन्न तरीकों से प्रचार कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के अत्यधिक प्रसार के चलते प्रदेश में फिलहाल चुनाव की संभावना दिखाई नहीं दे रही है। छह माह के लिए चुनाव टलना भी तय माना जा रहा है। दूसरी तरफ निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा होने की ओर है। दिसंबर में प्रधानों का कार्यकाल पूरा होते ही गांवों की सत्ता पर भी अफसरों को कब्जा हो जाएगा। यदि सरकार ने प्रधानों का कार्यकाल बढ़ा दिया तो यह स्थिति सामने नहीं आएगी। प्रदेश सरकार की स्थिति को देखकर यह स्पष्ट हो रहा है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2020 में नहीं हो पाएगें। अगले वर्ष ही ग्राम पंचायतों में नई सरकार बनेगी।
जनपद में 498 ग्राम पंचायतें हैं। प्रधानी के चुनाव को लेकर ही गांवों में सबसे अधिक गहमागहमी रहती है। चुनाव की तैयारी करने वालों को अब थोड़ा और अधिक मौका मिल जाएगा। पंच स्थानीय निर्वाचन कार्यालय के प्रभारी संजीव कुमार का कहना है कि चुनाव आयोग को किसी भी चुनाव को सम्पन्न कराने के लिए जो तैयारी करनी पड़ती है, उसमें तीन-चार माह का समय लगता है। पंचायत चुनाव को लेकर शुरू की गई तैयारियां कोरोना के कारण अधर में लटकी पड़ी है।