देवबंद। लोकसभा चुनाव को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने पहली बार अपनी सोच को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि इस बार का लोकसभा चुनाव दो नजरियों की जंग है।
मुसलमानों के मुद्दों को लेकर सरकारों से लड़ाई लड़ने वाले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने शनिवार को अमर उजाला को बताया कि इसमें कोई शक नहीं कि फिरकापरस्त ताकतें तरह-तरह के हथकंडे अपना कर मुसलमानों को कमजोर करने का काम कर रही हैं। लोकसभा चुनाव आने पर यह ताकतें और सक्रिय हो गई हैं जो चाहती हैं कि किसी भी तरह मुल्क को हिंदू स्टेट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव दो नजरियों की जंग है। एक वह जो मुल्क को सेक्युलर स्टेट बनाना चाह रही हैं और दूसरी वह जो इसे हिंदू स्टेट बनाने पर आमादा हैं।
मौलाना मदनी ने किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना कहा कि जो सेक्युलर पार्टी फिरकापरस्त ताकतों को रोकने की ताकत रखती हो लोकसभा चुनाव में उसी को समर्थन करना चाहिए। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी की अपील पर मदनी ने कहा कि यह फैसला तो जनता के हाथ है कि वे किसको पसंद करती है। मौलाना मदनी ने कोबरा पोस्ट के स्टिंग आपरेशन पर कहा कि यह बात हम बहुत पहले से कहते आएं हैं कि योजना बनाकर बाबरी मस्जिद को शहीद किया गया। हमारी बात को दरकिनार किया गया। आज सच्चाई सबसे सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि इस सच्चाई के बाद बाबरी मस्जिद के गुनाहगारों को सजा मिलनी चाहिए।