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किस नेता पर क्या आरोप, तय नहीं

Tue, 17 Sep 2013 05:37 AM IST
Muzaffar nagar
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मुजफ्फरनगर, 16 सितंबर। कई दिग्गज राजनीतिज्ञों पर दंगाें के खलनायक की मोहर तो लग गई, लेकिन पुलिस यह तय नहीं कर पा रही है कि किस पर क्या आरोप हैं। इसी कमजोरी के चलते कोर्ट से वारंट लेने की प्रक्रिया परवान नहीं चढ़ पा रही है। इनमें से कई ऐसे नेता हैं, जिन्हें भीड़ ने मंच तक नहीं जाने दिया।
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सीएम से लेकर एसएसपी तक कार्रवाई का दावा ठाेंकने में पीछे नहीं हैं, लेकिन हकीकत में पुलिस अभी तक कार्रवाई के लिए जमीं तक तैयार नहीं कर पाई है। कवाल कांड के बाद 144 का उल्लंघन कर तीन पंचायतें हुई हैं, इनमें से दो नंगला मंदौड और एक खालापार में हुई है। खालापार सभा में बसपा सांसद कादिर राना, विधायक नूरसलीम राना, मौलाना जमील, कांग्र्रेस के पूर्व सांसद सईदुज्जमां, नंगला मंदौड़ में भाजपा विधान मंडल के नेता हुकुम सिंह, विधायक सुरेश राणा, कुंवर भारतेन्दु, संगीत सोम के अलावा भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत, राकेश टिकैत और कांग्रेस के पूर्व सांसद हरेन्द्र मलिक जैसे दिग्गज आरोपी बनाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन और भड़काऊ भाषण देने के आरोप हैं। दस दिन से अधिक का समय बीत चुका, लेकिन पुलिस जांच एक कदम आगे नहीं बढ़ सकी है। आरोपी नेताआें में कई ऐसे हैं, जिन्हें या तो बोलने नहीं दिया गया या फिर उन्हें ऐसे किसी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जो भड़काऊ भाषण के दायरे में आता है। एसएसपी प्रवीण कुमार कहते हैं कि प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही कार्रवाई की तस्वीर साफ हो जाएगी।
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*राकेश शर्मा
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