मुजफ्फरनगर। सांप्रदायिक हिंसा की आग में जिला अभी भी सुलग रहा है। मारकाट मची है और शांति के प्रयास विफल हो रहे हैं। अफसर, नेता इसे धार्मिक उन्माद बता रहे हैं, लेकिन ज्योतिषाचार्य इसे शनि की कुदृष्टि का प्रभाव बता रहे हैं। उनकी मानें तो सिंह राशि वाले मुजफ्फरनगर पर शनि का प्रभाव होने के कारण ही बवाल बढे़ हैं। बता रहे हैं कि जल्द ही अमन चैन लौट आएगा।
27 अगस्त यानि मंगलवार को कवाल में बवाल हुआ। जिसकी चिंगारी से सात सितंबर को जौली गंगनहर पर सांप्रदायिक दंगे की आग भड़का दी। देखते ही देखते 50 से अधिक लाशें बिछ गई। शहर और देहात में हालात बेकाबू हो गये। इस पर काबू पाने में अफसरशाही भी फेल हुई और सरकार के नुमाईंदे भी। यह आग अब भी सुलग रही है। इस धार्मिक उन्माद के पीछे ज्योतिषाचार्य ग्रह की चाल बता रहे है। पंडित राज भारद्वाज का कहना है कि मुजफ्फरनगर की राशि सिंह है। इसके तृतीय भाव में शनि है। जिसका स्वामी सूर्य है और ताम्र पाया है। शनि की दृष्टि सूर्य पर होने के कारण आपसी सौहार्द बिगड़ता है। मतभेद उत्पन्न होते है। सूर्य और शनि पिता पुत्र हैं। आपस में शत्रु होने के कारण परिवार में तनाव का माहौल बनता है। कवाल की राशि मिथुन है, जिसके पंचम भाव में शनि है। पंडित लवनीश कुमार तिवारी और पंडित योगेश पाठक कहते हैं कि जल्द ही जिले का सांप्रदायिक सौहार्द लौट आएगा। विघ्न विनाशक सिद्धि विनायक का हवन, पाठ किया जा रहा है।