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मां की तेरहवीं में न आने पर हुआ शक

Wed, 29 May 2013 05:30 AM IST
Muzaffar nagar
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खतौली/मोरना, 28 मई। राजा के हत्यारोपी राहुल की मां बबीता देवी की 19 मई को रुड़की में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके अंतिम संस्कार में परिजन, रिश्तेदार समेत राहुल और राजा भी शामिल हुए थे। इसी बीच 24 मई को राजा लापता हो गया। बबीता देवी की 26 मई को हुई तेरहवीं में राजा और राहुल शामिल नहीं हुए। सगी मां की तेरहवीं में शामिल न होने पर परिजनों और रिश्तेदारों का शक राहुल पर गया था। उसी आधार पर राजा के बहनोई अमित ने उसी शाम खतौली थाने में उसके खिलाफ नामजद अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
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लैपटॉप दिलाने के बहाने राजा को बुलाया था
खतौली। राजा पहले ककरौली में ही पढ़ता था। इसी कारण राजा और राहुल में अच्छी पटती थी, दोनों अक्सर मोबाइल फोन पर बात करते थे। घटना के रोज राहुल और अंकुश खतौली पहुंचे और राजा को लैपटॉप दिलवाने के बहाने अपनी मोटर साइकिल पर बैठा कर ककरौली ले आए। बस कुछ ही देर में आने की बात कह कर वह उसे लाए थे, इसलिए राजा स्कूल ड्रेस में ही उनके साथ चला आया था। ककरौली आकर दोनों उसे तालाब की ओर ले गए तथा वहां पर चाकुओं से गर्दन और पेट पर प्रहार करके उसकी हत्या कर दी और शव को जमीन में गाड़ दिया।
हत्या करके नौकरी करने चले गए
राजा की हत्या करने के बाद राहुल और अंकुश अपने साथी आलोक के साथ लखनऊ चले गए। वहां से हरिद्वार पहुंचे। तीनों अलग-अलग फैक्ट्री में नौकरी करने लगे। अपने फोन भी उन्होंने स्विच ऑफ कर दिए थे।
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फेसबुक के जरिए हुआ हत्याकांड का खुलासा
राजा हत्याकांड का खुलासा फेसबुक के जरिए हुआ। खतौली कोतवाली प्रभारी सचिन मलिक ने राजा के हत्याराें को फेसबुक के माध्यम से तलाश कर पकड़ा है। दोनों हत्यारोपियों ने फेसबुक में अपनी आईडी बना रखी है। हत्यारोपियों ने लखनऊ जाकर अपने फोन बंद कर दिए थे। पुलिस के पास राजा और राहुल का फाइल फोटो नहीं था। कोतवाली प्रभारी सचिन मलिक ने राजा की छोटी बहन से जब उनके फोटो के बारे में जानकारी चाही तो उसने अपना फेसबुक एकाउंट बताया। जांच के दौरान पुलिस उनके एकाउंट से नए फोन नंबर मिले, जिनके जरिए सर्विलांस से पुलिस हरिद्वार तक पहुंची तथा मंगलवार सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बाबा से फावड़ा मांगा
हत्यारोपी अंकु श का बाबा सुखबीर घटनास्थल के पास ही स्थित स्कूल में चौकीदार है। राजा की हत्या के बाद अंकुश ने बाबा से फावड़ा लेकर शव जमीन में दबाया था, मगर राजा का एक पैर बाहर रह गया था, जिसे जानवरों ने खा रखा था।
तीन बहनों का अकेला भाई था राजा
राजा तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत से बहनों पर गमों का पहाड़ टूट गया है। बड़ी बहन निक्की की शादी दूधली में, दूसरी बहन निशा की शादी खतौली में हुई है, जबकि छोटी बहन चीनू दिल्ली में पढ़ रही है। भाई की हत्या से बहनों समेत परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
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