संत की सादगी और विनम्रता उसका आभूषण :ओमानंद
अमर उजाला ब्यूरो
मोरना। शुकतीर्थ के शुकदेव आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी योगेश्वर महाराज की 19वीं पुण्यतिथि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि संत की सादगी और विनम्रता ही उसका आभूषण होता है। समाज की सेवा करना और भूले भटके को सद्मार्ग की राह दिखाना नैतिक होना चाहिए। स्वामी योगेश्वर महाराज ने समाज की निस्वभाव से सेवा कर दीन दुखियों की सहायता की है, इनका जीवन प्रेरणा सोत्र है।
रविवार को शुकदेव आश्रम के प्रांगण में ब्रह्मलीन योगेश्वर महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रीमद्भागवत गीता, सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। पाठ पारायण रामप्रकाश, रविंद्र शास्त्री, कवि अशोक, संदीप शर्मा, विक्रांत व सोनू शास्त्री के सानिध्य में विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोकों को उच्च स्वर में उच्चारण किया। इस मौके पर नगर के साधु संतों को आयोजित भंडारे का प्रसाद खिलाकर नकद दान दक्षिणा व उपहार भी दिए गए। कार्यक्रम के आयोजन में सुनील शास्त्री ने मुख्य भूमिका निभाई। इस दौरान मानेंद्र पंडित, ब्रहमपाल राठी प्रमुख, जसविंद्र सिंह, सुरेंद्र राठी, योगेश शर्मा, प्रेम फौजी, राजरुपेश, रामपाल, राका राठी आदि व्यवस्था बनाने में लगे रहे।