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कवियों ने मौजूदा हालात पर तंज कसे

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...हम घर में घुस कर मारेंगे
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खतौली। मेला श्रावणी छड़िय़ान के अवसर पर नगर पालिका परिषद प्रांगण में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से मौजूदा हालात पर तंज कसे। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक विक्रम सैनी, रालोद नेता लतेश विधूड़ी, उद्यमी रमेश भाटी ने किया। कवियत्री कल्पना शुक्ला ने मां सरस्वती की वंदना कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। मधुर नागवान की रचना-मशाल नहीं है मेरे हाथ में, मेरा हाथ है ये जिसमें मेरा खून चटक चटक कर जल रहा है। कवि पंकज अंगार की सर्जिकल स्ट्राइक पर रचना- अगर पीठ पर वार किया, हम घर में घुस कर मारेंगे। हास्य कवि पीके आजाद ने हास्य कविता पाठ कर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। कल्पना शुक्ल की रचना- दिल दुखाने के लिए आई हूं, प्यार पाने के लिए आई हूं। जयपुर से आए अब्दुल गफ्फार ने गाय पर कविता पाठ किया। कवि सम्मेलन का संचालन कवि प्रवीण शुक्ल ने किया। कार्यक्रम संयोजक सभासद पुत्र अनुज सहरावत ने प्रतीक चिह्न देकर अतिथियों का सम्मान किया। इस दौरान पालिकाध्यक्ष पति काजी जमील अहमद, अजय जनमेजय, अजय भुर्जी, असजद सैफी, प्रवीण, सुनील काजी आदि मौजूद रहे।
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