मुजफ्फरनगर। निराना गांव में बीमारियों का कहर बढ़ रहा है। दूषित पानी और प्रदूषण ग्रामीणों की जान लेने पर आमादा है। गांव में हालात इस कद्र खराब हैं कि हर तीसरा घर बीमारी की चपेट में है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक संक्रमण से घिरे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पूर्ण रुप से गांव में जांच-पड़ताल नहीं कर सका है। इसके चलते बीमारियां अधिक पैर पसार रही है। जो लोगों को समय से पहले बूढ़ा बनाने के साथ दिव्यांग कर रही है। गांव में कई वर्ष से कैंसर समेत अनेक बीमारियों का प्रकोप है। यह बीमारियां ग्रामीण पानी के प्रभाव और प्रदूषण बढ़ने के कारण बता रहे हैं। सिस्टम की लापरवाही देखिए जांच के नाम पर कई बार गुमराह किया गया। ग्रामीणों ने खुद ही प्राइवेट स्तर से पानी के साथ लोगों की जांच कराई है। जिसमें कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। बीते एक दशक में 20 लोगों की कैंसर के साथ अनेक बीमारियों की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। जबकि गांव में करीब 100 से अधिक लोग बीमारियों से पीड़ित है।
खाज-खुजली के साथ फेफड़ों का रोग
सिखेड़ा। गांव में दाद, खाज-खुजली, आंखों जलन, आंखों की रौशनी कम होने के साथ फेफड़ों का फैला हुआ है। संक्रमण बीमारियों की चपेट में आकर ग्रामीणों की आंख, हाथ-पैर खराब होने के अलावा दिल, दिगाम पर भी असर पड़ रहा है। सबसे घातक बीमारी कैंसर की है। यहां कई मौत कैंसर पीड़ितों की हो चुकी है। जबकि वर्तमान में भी दर्जनभर कैंसर से पीड़ित है। जिनमें लिवर, गले, पेट के साथ अन्य का कैंसर है। गांव में बच्चों, बुजुर्गों के साथ महिलाएं भी संक्रमण बीमारियों की चपेट में है। ऐसे में ग्रामीणों का खाना-पीना भी मुहाल हो गया है।
गांव का भू-गर्भ जल प्रभावित
सिखेड़ा। गांव का भू-गर्भ जल प्रभावित हो गया है। जिसके चलते गांव के हैंडपंप पीला उगल रहे है। यह प्रदूषित जल ही ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। शुद्ध पेयजल के लिए लोगों को मीलों दूर तक भटकना पड़ता है। गांव का भू-गर्भ जल प्रभावित होने के पीछे जानसठ रोड की इंडस्ट्रियों से निकला दूषित जल और प्रदूषण मुख्य है। इसके असर से गांव में हालात बिगड़ गए हैं।
यह लोग हैं गांव में बीमारियों से घिरे:
फेफड़ों के रोगी
- हकीमुद्दीन, साबिया, कय्यूम, शराफत, परवेज, हसन टेलर, दिलशाद दर्जी, शहजाद, बतूली, माहल्या, अजीज अंसारी, खलील, फिका, सुखबीरी, मीर सिंह आदि।
आंखों के रोगी
आम मोहम्मद, शमीम, खालिद, खुर्शीदा, मुस्कान आदि। इसके अलावा भी सतेंद्र, हलीमा, दिलशाद।
संक्रमण से बीमार
इरफान, कालू, मास्टर हसन, अहसान, इसरार, सोहनबीर, शिमला, गुलजार, गुलफशा, अफसाना, मन्तशा, इश्तखार, नवाब, नईम, ऐजाज, फरीदा, सुहाना, चाहड़, सलीम, वासिद, शाहिद, फुरकान, नईम, इरशाद, मेहरबान, मोहम्मद लुकमान, मुर्सलीन आदि हैं।
बोले अधिकारी...
निराना गांव में पहले भी जांच की गई थी। गांव में पानी से कोई कैंसर नहीं है, हालांकि अन्य बीमारियां हो सकती हैं। गांव में टीम भेजकर जांच-पड़ताल कराई जाएगी। ग्रामीणों को बेहतर उपचार के लिए कार्रवाई होगी। डॉ. पीएस मिश्रा, सीएमओ, मुजफ्फरनगर।
गांव के हैंडपंप से सैंपलिंग की जाएगी। निराना गांव में इंडस्ट्रियों का प्रभाव नहीं है। पानी की जांच के बाद जल निगम को लिखा जाएगा। बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। इसके बाद भी गांव जांच के लिए टीम बना दी गई है। - विपुल कुमार, अधिशासी अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुजफ्फरगनर।