गेहूं की बंपर पैदावार से किसान गदगद
मुजफ्फरनगर। इस बार जिले में गेहूं की बंपर पैदावार हुई है। पिछले वर्ष के मुकाबले प्रति हेक्टेयर तीन क्विंटल का इजाफा हुआ है। क्रॉप कटिंग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की औसत उपज है। अच्छी पैदावार होने से किसान गदगद हैं। कृषि अफसर अच्छा मौसम रहने तथा अगेती बुआई को अच्छी फसल होने का कारण मान रहे हैं। जनपद में गेहूं की फसल की कटाई और गहाई का काम लगभग खत्म हो चुका है। चंद लोगों की फसल खेतों में खड़ी नजर आ रही है। एक-दो दिन में यह भी कट जाएगी। इस बार मौसम ने किसानों को अच्छा साथ दिया है। यही कारण है कि गेहूं की बंपर पैदावार हुई है। जिले में गेहूं का रकबा लगभग 80 हजार हेक्टेयर था। फसल कटने के बाद अच्छी पैदावार होने से किसान खुश हैं। ग्राम सिखेड़ा के किसान ओमपाल सिंह ने बताया कि प्रति बीघा लगभग चार से साढ़े चार क्विंटल की उपज हुई है। किसान सुनील राठी और गजेंद्र भी लगभग इतनी ही पैदावार की बात कहते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस बार प्रति हेक्टेयर 45 क्विंटल गेहूं की पैदावार हुई है। पिछले वर्ष यह लगभग 42 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी। एक हेक्टेयर में तीन क्विंटल बढ़ोतरी होने से कृषि विभाग के अफसर भी खुश हैं। उप निदेशक कृषि नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस बार मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल रहा है। मार्च के आखिरी दिनों तक ठंडक बनी रही। इससे फसल में दाना अच्छा बना। साथ ही फसल पकने पर ज्यादा आंधी और बारिश भी नहीं आए। इससे भी फसल में नुकसान नहीं हुआ है। वह बताते हैं कि एक और बात है जो अच्छी फसल का कारण बनी है। इस बार किसानों ने गेहूं की बुआई जल्दी कर दी थी। शुगर मिलें शुरू होते ही किसानों ने फटाफट गन्ने की कटाई कर अपनी गेहूं की बुआई कर दी। यह भी बेहतर पैदावार का कारण रही है। उप निदेशक ने बताया कि सरकार किसान की आय बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए किसानों को अच्छी प्रजाति के बीच, कृषि यंत्र तथा उन्नतशील खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।