डग्गामार वाहनों में सफर करने को मजबूर हैं लोग
पुरकाजी। रोडवेज बसों के कस्बे में नहीं आने से स्थानीय निवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का समाधान न होने से क्षेत्र के लोग डग्गामार वाहनों में सफर करने को मजबूर हैं।
करीब आठ वर्ष पूर्व पुरकाजी बाईपास बन जाने के बाद उत्तराखंड व यूपी रोडवेज की बसों के चालकों ने बसों को कस्बे में लाना बंद कर दिया। बसों के कस्बे में नहीं आने से लोग परेशान रहते हैं। नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूकी ने कई बार भाकियू के बैनरतले पुरकाजी बाईपास पर धरना-प्रदर्शन किया। मामला लखनऊ तक पहुंच जाने से आरएम ने बसों को कस्बे से ले जाने के आदेश दिए थे, लेकिन इन पर अमल नहीं हुआ। यूपी रोडवेज की मेरठ, दिल्ली, हरिद्वार व देहरादून आदि जगहों पर जाने वाली बसों के कस्बे के अंदर से न गुजरने से यात्रियों को पुरकाजी बाईपास पर जाकर बस में सवार होना पड़ता है। बस चालक रात्रि के समय यात्रियों को पुरकाजी बाईपास पर उतार देते हैं। उन्हें दो किलोमीटर पैदल चलकर कस्बे में आना पड़ता है। इसे लेकर कई बार यात्रियों व रोडवेज कर्मियों में मारपीट तक भी हो चुकी है। बावजूद इसके आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस समस्या को लेकर लोगों में भारी रोष व्याप्त है, जो कभी भी उग्र रूप ले सकता है।