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दलित युवकों पर दिखा भीम आर्मी का असर

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दलित युवकों पर दिखा भीम आर्मी का असर
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मुजफ्फरनगर। भारत बंद के दौरान दलित समाज के युवकों की भीड़ भले ही नेतृत्वविहीन दिखाई दी हो, लेकिन असर भीम आर्मी का ही रहा। बाजार बंद करा रहे युवक भीम आर्मी जिंदाबाद और चंद्रशेखर रावण जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। बसपा नेताओं ने डीएम को ज्ञापन देने की जो योजना बनाई थी, युवकों ने इन नेताओं की बात को भी दरकिनार कर दिया।
दलित समाज की नई पीढ़ी से बसपा का जादू उतरता दिखाई दे रहा है। बाजार बंद के दौरान दलित युवाओं की भीड़ पर भीम आर्मी का असर दिखाई दिया। आक्रोशित युवाओं की भीड़ भीम आर्मी जिंदाबाद के नारे लगाते चल रही थी। इनमें कुछ युवकों के पास भीम आर्मी के चंद्रशेखर उर्फ रावण के फोटो लगे बैनर भी थे। महावीर चौक पर एकत्र भीड़ से बसपा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद गौतम, पूर्व एमएलसी ऋषिपाल गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष कमल गौतम यह कहा कि वे लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को अपना ज्ञापन दे दें। बसपा के नेता तो कलेक्ट्रेट पहुंच गये, लेकिन भीड़ भीम आर्मी के नारे लगाते हुए कचहरी के गेट से आगे निकल गई। कलेक्ट्रेट में बसपा नेता ही खड़े रह गये, लेकिन नेता इस बात को भांप गये कि भीड़ उनके कहने में नहीं है, इसलिए वह भीड़ के साथ नहीं गये। प्रदर्शन में आई युवाओं की भीड़ को देखकर बसपा के नेता खुद हैरान थे कि इतनी भीड़ कहां से आई। भीम आर्मी से जुडे दलित युवक हक और जंग की बात करते दिखाई दिए। जिले के दलितों में जिस तरह भीम आर्मी की पैठ बढती जा रही है, इससे बसपा के लिए भी खतरे की घंटी दिखाई दे रही है।
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दलितों के हर गांव में आर्मी
मुजफ्फरनगर। दलित समाज के युवक भीम आर्मी से तेजी के साथ जुड़ रहे हैं। जिले में शायद ही ऐसा कोई गांव हो जहां दलित हों और भीम आर्मी की चर्चा न हो। दलितों की नई पीढी चंद्रशेखर रावण में ही अपना नेतृत्व ढूंढ रही है।
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