हार्टअटैक से कैदी की मौत
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बंद एक कैदी की हृदयगति रुकने से जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। कैदी पिछले दो वर्षों से बीमार चला आ रहा था। सोमवार को उसे अचानक दिल का दौरा पड़ा। सूचना पर उसके परिजन भी आ गए। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।
तितावी थाना क्षेत्र के ग्राम साल्हाहेड़ी निवासी अनुज (50) पुत्र राजेंद्र वर्ष 2005 को हत्या के मामले में जिला कारागार में बंद हुआ था। वर्ष 2010 में कोर्ट ने उसे इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह कारागार की बैरक नंबर 10 में था। सोमवार दोपहर अचानक उसके सीने में दर्द की शिकायत हुई। तुरंत उसे जेल अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन की ओर से सूचना दिए जाने पर उसके परिजन भी यहां पहुंच गए। सूचना दिए जाने पर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि अनुज पिछले दो वर्षों से दिल की बीमारी से पीड़ित था तथा उसका मेरठ मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा था। दोपहर में उसे अचानक दिल का दौरा पड़ा। जेल अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया, वहां पर उसकी मौत हो गई। शव के पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
20 दिनों में 4 की मौत
मुजफ्फरनगर। कड़ाके की सर्दी जिला कारागार के बीमार बंदियों और कैदियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बीते बीस दिनों से ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इसी अवधि में जिला कारागार के चार बंदियों की मौत हो गई। पहले पुरकाजी निवासी रूपचंद की मौत हुई थी। रूपचंद का भी बीमारी के चलते मेरठ मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा था। इसके बाद सजायाफ्ता कैदी गफ्फार पुत्र नियाज निवासी भैंसानी, थानाभवन की भी बीमारी से मौत हो गई थी। बीमारी के कारण ही शनिवार को बंदी अजमल ने दम तोड़ दिया। सोमवार को कैदी अनुज की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।