जानसठ के गांव टंढ़ेड़ा निवासी किसान के एसबीआई बैंक के फील्ड आफिसर पर फर्जीवाड़ा कर 13.25 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए बैंक के उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई थी। फील्ड आफिसर ने किसान के फिलहाल आठ लाख रुपये की नगदी वापस कर खेद प्रकट किया है।
गांव टंढ़ेड़ा निवासी मोहम्मद रफी और उसकी मां रईसा पत्नी इशहाक ने वर्ष 2015 में एसबीआई ककरौली की शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया था। हालांकि इनको बैंककर्मियों ने क्रेडिट कार्ड के पैसे नहीं दिए थे। नोटबंदी के दौरान मोहम्मद रफी ने एक लाख रुपये की नगदी अपने खाते में जमा कराई थी। जब वह पैसे निकालने के लिए बैंक में पहुंचा, तो कर्मियों ने बताया कि उसने बैंक से जो ऋण लिया था वह एक लाख रुपये की रकम ऋण में जमा हो गई।
पीड़ित ने शाखा प्रबंधक से इस संबंध में जानकारी ली। इस पर पता चला कि उसके व उसकी मां के नाम किसान क्रेडिट कार्ड पर 13.25 लाख रुपये का ऋण है। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसबीआई शाखा के उच्चाधिकारियों से की थी। एसबीआई के उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर बैंक कर्मचारियों में हड़कंप मचा था। पीड़ित ने बताया कि फील्ड आफिसर ने आठ लाख रुपये की नगदी वापस कर दी।