सूबे में खतरे में है आधी आबादी !
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। केंद्र व प्रदेश में सत्तासीन भाजपा सरकारों के महिला सुरक्षा संबंधी दावों पर नोएडा की वारदात ने सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जिले के एक प्रशासनिक अधिकारी के साथ हुई छेड़छाड़ की गंभीर वारदात से अफसरों के साथ ही आम जनमानस भी सकते में हैं।
सूबे में आधी आबादी की सुरक्षा के दावे सवालों के घेरे में हैं। सूबे में योगी सरकार द्वारा छेड़छाड़ पर अंकुश लगाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड गठित कर महिला सुरक्षा के लंबे-चौड़े दावे किए जाते हैं। प्रदेश में अक्सर छेड़छाड़ व दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदातें प्रकाश में आ ही जाती हैं, लेकिन नोएडा में जनपद के प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी के साथ पॉश एरिया में हुई छेड़छाड़ की घटना ने तो अफसरों की भी नींद उड़ा दी है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को लेकर आम जनमानस को टटोला तो शासन से अधिक लोग पुलिस प्रशासन को इस सबके लिए जिम्मेदार ठहराते नजर आए। सुरेंद्रनगर निवासी अधिवक्ता अश्वनी शर्मा कहते हैं कि जब तक छेड़छाड़ के आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर उन्हें कड़ी सजा नहीं दिलाई जाती, ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पाएगा। शिक्षिका रश्मि मिश्रा कहतीं हैं कि छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जहां एक तरफ सामाजिक अभियान चलाए जाने की जरूरत है, वहीं स्कूल-कॉलेजों में भी छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जाना चाहिए। गृहिणी रेखा सिंह कहती हैं कि छेड़छाड़ की घटनाओं पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर शोहदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।
बेहद घिनौना है छेड़छाड़ की घटनाओं का सच
मुजफ्फरनगर। जनपद में छेड़छाड़ की वारदातों के पीछे का सच और भी घिनौना है, जहां न्याय के लिए छेड़छाड़ पीड़िता को जान तक गंवानी पड़ गई। करीब तीन माह पूर्व बुढ़ाना क्षेत्र के गांव में पुलिस छेड़छाड़ पीड़िता के पति व बेटे को ही हवालात में बंद कर देती है, जिसके बाद पीड़िता को जहर खाकर जान देनी पड़ी। इसके बाद ही आरोपी गिरफ्तार किए गए। वहीं, शहर क्षेत्र में भी एक युवती को प्रेमी की बेवफाई के चलते गैंगरेप की विभीषिका झेलनी पड़ी, जिसके बाद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने के चलते पीड़िता ने जहर खाकर जान देना ही मुनासिब समझा। ऐसे में लोग यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि आखिर एंटी रोमियो स्क्वॉयड की भूमिका क्या है ? आखिर क्यों इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगना मुमकिन नहीं हो पा रहा है। एडीएम प्रशासन ने कहा कि छेड़छाड़ की घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए निंदनीय है।