एक हजार झोलाछाप डॉक्टर, 300 लैब फर्जी
मुजफ्फरनगर।
जिले में बड़ी संख्या में नीम-हकीम चिकित्सक का चोला पहनकर बैठे हैं। विभाग के सर्वे में सामने आया है कि एक से अधिक झोलाछाप चिकित्सक कामकाज कर रहे हैं। इसके अलावा करीब 300 से अधिक पैथोलॉजी लैब फर्जी चल रही है, जो कि टेस्ट करने के नाम पर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। फर्जी लैब और चिकित्सकों की धरपकड़ के लिए खाका तैयार है।
गर्मी का सीजन प्रारंभ होने से पहले स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप चिकित्सकों के क्लीनिकों पर तालाबंदी करने की तैयारियों में जुट गया है। खतौली, चरथावल, बुढ़ाना, जानसठ, मीरापुर, पुरकाजी के अलावा शाहपुर मोरना में चिकित्सकों की सूची तैयार की गई है। इन क्षेत्रों में 1000 से अधिक ऐसे चिकित्सक मिले हैं, जो रेजीडेंट मेडिकल प्रैक्टिस (आरएमपी) है। यह फर्जी रूप से नीम-हकीम बने बैठे हैं। इनका विभाग में कोई पंजीकरण नहीं मिला है। इसके अलावा लैबों की जांच की गई है। करीब 300 से ज्यादा पैथोलॉजी लैब अवैध संचालित पाई गई है। इनका विभाग में कोई पंजीकरण नहीं है। इन लैबों पर भी ताले डालने की तैयारियां की जा रही है।
पुरकाजी-चरथावल पर टेढ़ी नजर
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी और चरथावल पर विभाग की टेढ़ी नजर है। पुरकाजी में दो बार भ्रूण मिल चुके हैं। इसको लेकर यहां पर भ्रूण हत्या का खेल चल रहा है। इसको लेकर क्षेत्र विभाग के रडार पर है। कई महिला चिकित्सकों की गोपनीय जांच की जा रही है। उसके बाद विभाग छापेमारी कर कार्रवाई करेगा। वहीं, चरथावल में बीते वर्ष गर्मी के सीजन में कई मौत होना सामने आया था, जिनके पीछे झोलाछाप चिकित्सकों का गलत उपचार करना निकला था। ऐसे में इन क्षेत्रों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
लैबों पर कार्रवाई का पेंच
मुजफ्फरनगर। पैथोलॉजी लैबों पर कार्रवाई के लिए विभाग शासनादेश का इंतजार कर रहा है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पैथोलॉजी पर पैथोलॉजिस्ट, पीजी चिकित्सक के हस्ताक्षर मान्य ठहराए हैं, जबकि जिले में एमबीबीएस चिकित्सक भी लैब चला रहे हैं। ऐसे में इन लैबों पर कार्रवाई के लिए शासनादेश का इंतजार किया जा रहा है। जिले में पैथोलॉजिस्ट के आधार पर 17 लैब संचालित है।
बोले अधिकारी...
क्षेत्रवार चिकित्सकों की जांच की गई है। बड़ी संख्या में झोलाछाप चिकित्सक प्रैक्टिस कर रहे हैं। वहीं, लैबों के मामले में शासनादेश का इंतजार है। बिना पंजीकरण वाली लैबों पर कार्रवाई की योजना बनाई गई है। जल्द छापेमारी होगी।
डॉ पीएस मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुजफ्फरनगर।