गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि किसानों ने परिश्रम करके 11 महीने में 2.54 लाख हेक्टेयर गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाया तो योगी सरकार में शुगर मिलों ने पिछले वर्ष के मुकाबले अब तक 11 करोड़ क्विंटल गन्ने की सबसे अधिक पेराई की है। चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र और ब्राजील को पीछे छोड़ दिया है।
भाजपा नेता राजकुमार छाबड़ा के आवास पर पत्रकार वार्ता में राज्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में जातिवाद की राजनीति हावी थी, विकास का कोई मुद्दा नहीं था। विकास अगर कहीं था तो प्रदेश के सिर्फ मात्र पांच जिलों में था। जब से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी, प्रदेश विकास की ओर अग्रसर। गन्ना ढुलाई के लिए एक किलोमीटर का आठ रुपये 75 पैसे प्रति क्विंटल किराया लगता था। योगी सरकार ने उसे घटाकर मात्र 42 पैसे प्रति क्विंटल कर दिया है। इससे 17 लाख किसानों को एक हजार 60 करोड़ का सीधे लाभ पहुंचा है। योगी सरकार ने गन्ना मूल्य 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया। मुख्यमंत्री दूरगामी सोच रखते हैं। यह किसानों की सरकार है और किसानों का भला चाहती है। इसलिए सरकार ने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ने से प्रदेश की चीनी मिलों को 20 दिन पहले चलवाया। जिसका परिणाम यह सामने आया कि पिछले एक वर्ष में मिलों ने 68 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। इस बार 15 मार्च तक 79 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। पिछले वर्ष के मुकाबले अब तक 11 करोड़ क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई हो चुकी है। किसानों के खेतों में जब तक गन्ना खड़ा रहेगा, तब तक मिल चलेगी। बिजली के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम करते हुए 11 महीनों में 25 लाख लोगों को नि:शुल्क कनेक्शन दिए। सड़कों के गड्ढे भरने और नये निर्माण कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। पत्रकार वार्ता में रामकुमार सहरावत, देवव्रत त्यागी, राजकुमार छाबड़ा, नरेंद्र गहलौत, मदन छाबड़ा, नरेंद्र जैन, भावेश गुप्ता, नरेंद्र जैन, राजेश जैन, सरदार लखबीर सिंह लक्की, अंकुर सिंघल, सभासद गुरुदत्त अरोड़ा आदि मौजूद रहे।