हंगामे की भेंट चढ़ा तहसील दिवस
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर विभिन्न ट्रालियों में तहसील दिवस में पहुंचे किसानों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान विधायक को भी किसानों की खरी खोटी सुननी पड़ी।
तहसील दिवस में मंगलवार को डीएम के न आने पर मुख्य विकास अधिकारी अंकित अग्रवाल ग्रामीणों की समस्याऐं सुन रहे थे। इसी दौरान विभिन्न जत्थों के रूप में किसान तहसील दिवस में पहुंचे। गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर चीनी मिल पर धरना दे रहे किसानों ने जमकर हंगामा कर दिया। किसानों ने मुख्य विकास अधिकारी से अपने गन्ने के बकाया भुगतान की मांग की। तहसील दिवस में मौजूद विधायक उमेेश मलिक ने किसानों को समझाने का प्रयास किया तो विधायक को भी किसानों की खरी खोटी सुननी पड़ी। किसानों ने कहा कि प्रशासन जब चाहे उनके गन्ने का बकाया भुगतान दिलवा सकता है। चीनी मिल द्वारा सरकार व प्रशासन को गन्ने के बकाया भुगतान का जो आश्वासन दिया गया है उस भुगतान के चैक अधिकारी यदि किसानों को दिखा दे तो वे धरना समाप्त कर देंगे। किसानों ने अधिकारियों की बोलती बंद कर दी।
किसानों के चले जाने के बाद महिलाओं का एक जत्था भी तहसील दिवस में पहुंचा। महिलाओं ने भी गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर हंगामा किया। इसी बीच भाकियू कार्यकर्ता भी नारेबाजी करते हुए तहसील दिवस में पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं ने भी गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों व सरकार को खरी खोटी सुनाई। तहसील दिवस में कुल 116 शिकायतें आई। मौके पर ब्रजबीर सागडी, चरण सिंह कुुरावा, सपा नेता अतहर हसन, हाजी जमशेद, गुलाम मौहम्मद जौला, सुधीर, सुभाष बालियान, केपी ठेकेदार, सोमपाल सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे। तहसील दिवस में आए अधिकारियों ने किसानों से बामुश्किल पीछा छुटाया। तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी कुमार भूपेंद्र, सीओ हरिराम यादव सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।