होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया
मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटूराम कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। मेधावी छात्रों एवं छात्राओं का अलंकरण किया गया।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या डॉ प्रियवंदा तोमर , पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षा रमा नागर और किशोर न्यायिक बोर्ड की सदस्या बीना शर्मा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। शुभारंभ सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत गए। प्राचार्य डॉ नरेश कुमार मलिक ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इस दौरान महिला सशक्तिकरण की प्रासंगिकता विषय पर गोष्ठी भी हुई। रमा नागर ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण में युवाओं की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचारों का यदि युवा विरोध करें तो महिलाएं जल्द सशक्त हो जाएंगी। बीना शर्मा ने कहा कि सभी युवाओं को दहेज, कन्या भ्रूण हत्या तथा घरेलू हिंसा का विरोध करना चाहिए। मुख्य अतिथि डॉ प्रियवंदा तोमर ने कहा कि हमारे देश ने प्राचीन काल से ही महिलाओं का समाज में ऊंचा स्थान रहा है। मध्य काल से महिलाओं की स्थिति खराब होने लगी। वर्तमान में महिलाओं की स्थिति कुछ बेहतर हुई है, लेकिन समाज के सोच को बेहतर बना कर महिला-पुरुष को एक लेवल पर लाया जा सकता है। क्योंकि महिला और पुरुष एक-दूसरे के पूरक हैं। समारोह में कॉलेज के 27 छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। वनस्पति विज्ञान में शहाना प्रवीण, कृषि रसायन विज्ञान में शिवम राठी, उद्यान विज्ञान में संजीव दीक्षित, शस्य विज्ञान में विक्की ठाकुर, स्नातकोत्तर उद्यान विज्ञान में दयानंद राठौर, विज्ञान में स्नातक में प्रिया बालियान, रसायन विज्ञान स्नातक में उपेंद्र देशवाल, स्नातक गणित में अंजलि कटारिया, सर्वश्रेष्ठ स्वयं सेवक कुलदीप सिंह, भौतिक विज्ञान स्नातक में श्वेता सिंह, कृषि संकाय स्नातक में विशाल, कृषि इंजीनियर में मृत्युंजय मलिक, बहुमुखी प्रतिभा पुरस्कार विक्की ठाकुर, सर्वश्रेष्ठ वक्ता मनाली तोमर, सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नीशू बालियान, उत्कृष्ट व्यक्तित्व सुहेल अहमद के साथ आदित्य बालियान, सोनू बालियान, प्रिया बालियान, उजेर अहमद, विशाल गंगवार, निखिल कुमार, तृप्ति गौतम, सिद्धांत तोमर, शहाना प्रवीण, नीशू बालियान, शैली चौधरी को पदक, नकदी और प्रशस्ति पत्र दिया गया। संचालन डॉ एनके पुरुथी एवं डॉ नीतू सिंह ने किया।