चरथावल। एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में सोमवार को क्षेत्र के कई गांवों के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मुजफ्फरनगर मार्ग पर अमीगढ़ की पुलिया पर जाम लगाकर विरोध किया। जाम के कारण ग्रामीण अंचलों से परीक्षा देने वाली छात्राओं को पुलिस ने जीप तक कॉलेजों तक पहुंचवाया।
कई दिनों के अवकाश के बाद जिला मुख्यालय पर सरकारी दफ्तरों में कामकाज के लिए ग्रामीणों में सोमवार का इंतजार था, लेकिन दलितों द्वारा एससी एसटी प्रदर्शनकारियों द्वारा भारत बंद की घोषणा से जनजीवन ठप रहा। सुबह से अकबरगढ़ गांव में दलित बाहुल्य गांवों के युवा, महिलाएं एकत्र होने शुरू हो गए। वहां से सैकड़ों की तादात में पैदल और बाइक से प्रदर्शनकारी अमीगढ़ की पुलिया पर हंगामा, प्रदर्शन करते पहुंचे। ऐहतियात के तौर पर थानाध्यक्ष मय फोर्स के करीब पांच किमी तक निकाले गए जुलूस में साथ रहे। करीब एक घंटे प्रदर्शन के बाद अमीगढ़ की पुलिया पर सड़क जाम कर दी। हालांकि कुछ प्राइवेट वाहन वाया लुहारी होकर गंतव्य तक पहुंचे। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार सदर और एसओ मांग संबंधी ज्ञापन सौंपा। मौके पर डॉ. श्याम सुंदर, डॉ. गुलबीर अकबरगढ़, हरियाली न्यामू, अंगूरी, चरण सिंह अकबरगढ़, पूर्व प्रधान भोपाल सिंह, सलेक चंद, मलखान सिंह नगला रांई, दीपक कुमार बाढ़, अशोक कुमार सिकंदरपुर, ब्रजपाल सिंह न्यामू, अंकित न्यामू, वेदपाल सिंह, अश्वनी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के हाथ पांव फूले रहे। पुलिस ने छात्र-छात्राओं और इमरजेंसी कामों वालों लोगों को खुद जीप से गंतव्य तक पहुंचवाया।