मुजफ्फरनगर। जैन कन्या पाठशाला महाविद्यालय में चित्रकला विभाग की सात दिवसीय इंटरनेशनल वर्कशाप में छात्राओं को अमूर्त कला की बारीकियां बताई गईं। पूर्व प्राचार्य डॉ निशा शर्मा ने कहा कि कला एक साधना है। हम जितना अभ्यास करेंगे, उतने ही पारंगत होंगे। उन्होंने अमूर्त कला में संयोजन के सिद्धांत में डेमोस्ट्रेशन दिया। उन्होंने बताया कि एक चित्र को पूर्ण रूप प्रदान करने के लिए सिद्धांत आवश्यक है। सिद्धांतों के सहयोग से ही चित्र पूर्ण होता है। डीएवी कॉलेज के कला विभागाध्यक्ष डॉ वेदपाल सिंह ने छात्राओं का कला की विभिन्न बारीकियां बताई। जेकेपी कॉलेज की छात्राओं द्वारा बनाई गई कलाकृतियों को भी प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ सीमा जैन ने की। संयोजक डॉ निशा गुप्ता और डॉ वंदना वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। अर्चना, निधि सिंहवाल का सहयोग रहा। तरन्नुम, मेघा वर्मा, सोनम, लवनिका, प्रिया सैनी, प्रीति, साक्षी, माधुरी, यासमीन, डोली, आनम, वैशाली, अविका, तनवी, रोहिणी, वर्षा, मीनू, नेहा सिंह, माहेनूर, ईशा सिंहवल, टिम्सी ठाकुर, तमसा, कान्हा, इरम आदि का सहयोग रहा।