देवबंद मिल के तीन केंद्रों पर चली कैंची
चरथावल (मुजफ्फरनगर)।
बिरालसी क्षेत्र के तीन गांवों में देवबंद मिल के क्रय केंद्रों को हटाकर थानाभवन की बजाज शुगर मिल को आवंटित होने से चरथावल क्षेत्र में आपूर्ति करने का अवसर मिला है। वहीं, कछौली गांव को रोहाना गेट से हटाकर तितावी शुगर मिल का नया केंद्र आवंटित किया है।
़गांव कान्हाहेड़ी, बिरालसी चतुर्थ और दूधली-डी के नाम से नए क्रय केंद्र सोमवार को जारी गन्ना आरक्षण में बजाज मिल को मिल गए हैं। रोहाना गन्ना समिति क्षेत्र के इन केंद्रों को किसानों की मांग पर गन्ना आयुक्त ने देवबंद से हटाने का फरमान सुनाया है। रोहाना मिल के गेट पर सप्लाई करने वाले कछौली के किसानों के लिए गांव में पहली बार तितावी का केंद्र लगाने की मंजूरी मिल गई है। तितावी को कछौली के अलावा बलवाखेड़ी, बिरालसी, लुहारी खुर्द में दो-दो, पीपलशाह, रोनी हरजीपुर, गुनियाजुड्डी, निरधना में एक-एक एवं दधेडू एवं चरथावल में तीन-तीन केंद्र आवंटित हुए हैं। तीन केंद्र कटने से देवबंद के रोहाना समिति क्षेत्र में 35 केंद्र पहले की तरह ही रखे गए हैं। सचिव नरेश कुमार ने बताया कि देवबंद और थानाभवन मिल की पर्चियां किसानों को जारी करनी शुरू कर दी हैं, जबकि रोहाना मिल की पर्चियां का आवंटन मंगलवार (आज) से शुरू होगा। इसके अलावा तितावी मिल छह अक्तूबर से चलेगा। उसका पर्ची वितरण की तारीख तय नहीं है।
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कोल्हू पर कम भाव में गन्ना बेच रहे किसान
चरथावल। क्षेत्र में दधेडू, पीपलशाह, कुटेसरा, चौकड़ा, रोहाना, चरथावल, गुनियाजुड्डी, हैबतपुर समेत दर्जनों गांवों में करीब 75 कोल्हुओं का संचालन जोरों पर है, जो रोजाना करीब साढ़े तीन हजार क्विंटल गन्ना पेराई कर रहे हैं। किसानों को जरूरतें पूरी करने के लिए मात्र 240-250 रुपये पर गन्ना बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। उधर, रोहाना समिति क्षेत्र के 16406 हेक्टेयर रकबे में 1.36 करोड़ क्विंटल गन्ने की पैदावार का अनुमान है, जिसमें 85 फीसदी चीनी मिलों द्वारा पेराई करने का लक्ष्य है। गत वर्ष मिलों ने क्षेत्र के किसानों का 70 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी।