उत्तराखंड में लगाई गई इन वस्तुओं पर पाबंदी
मुजफ्फरनगर। तीर्थयात्रा पर पत्तल, प्लास्टिक, थर्माकोल की थाली, गिलास में खाना-पीना महंगा पड़ सकता है। नैनीताल हाईकोर्ट की पाबंदी के बाद उत्तराखंड में इन वस्तुओं के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। इसको लेकर पड़ोसी राज्य यूपी को भी सूचित किया गया है, जिसके चलते यूपी के धर्मार्थ कार्य अनुभाग के प्रमुख सचिव ने तीर्थयात्रा पर जाने वाले यात्रियों प्लास्टिक, पॉलीथिन और थर्माकोल से बनी वस्तुओं ले जाने पर रोक लगाई है। इसको लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने भी जिले में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पॉलीथिन, प्लास्टिक और थर्माकोल के पत्तल, गिलास, थाली आदि का तीर्थ यात्रा पर जाने वाले यात्री अधिक प्रयोग करते हैं। जो खाना-पीना करने के बाद इन्हें यहां-वहां फेंक देते हैं। इससे गंदगी बढ़ने के साथ यह नष्ट न होने के कारण बीमारियों, भूगर्भ को भी प्रभावित करते हैं। इसको लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में वाद दायर किया था, जिस पर कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य में प्लास्टिक के कैरीबैग, थर्माकोल से बनी थैलियां, पत्तल, गिलास, कप, थॉली आदि के प्रयोग पर रोक लगा दी है। इसको लेकर यूपी को भी सूचित कराया गया है। हर साल यूपी राज्य से भी बड़ी संख्या में केदारनाथ, बदरीनाथ के साथ अनेक धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए तीर्थयात्री जाते हैं। प्रदेश के धर्मार्थ कार्य अनुभाग के प्रमुख सचिव ने नगर पालिका को आदेश जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि नगर से तीर्थ यात्रा पर जाने वाले लोगों को प्लास्टिक, थर्माकोल से बनी वस्तुओं के प्रयोग पर पाबंदी लगाई जाए। उत्तराखंड में जाने वाले तीर्थयात्री इनका प्रयोग न करें। आदेश साफ है कि रोक के बावजूद यदि कोई इनका उपयोग करता पकड़ा गया तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसको लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी ने उत्तराखंड राज्य में तीर्थ यात्रा पर जाने वाले नागरिकों को प्लास्टिक, थर्माकोल से बने गिलास, पत्तल, थाली आदि के प्रयोग नहीं करने के निर्देश दिए हैं।