60 गांवों के चार हजार घरों का सर्वे, 43 को नोटिस
मुजफ्फरनगर। डेंगू-मलेेरिया से लोगों बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे किया है। विभाग ने जुलाई माह में करीब 60 गांवों में अलग-अलग टीम से सर्वे कराया है। इसके चलते टीम ने करीब चार हजार घरों पर दस्तक देकर मच्छरों के लार्वा की जांच-पड़ताल की। जिनमें से 43 घरों में जानलेवा मच्छरों का लार्वा पलता मिला है। इन घरों के मुखिया को नोटिस भेजकर विभाग ने लापरवाही पर जवाब मांगा है।
मच्छरों के प्रकोप के कारण मलेरिया बुखार पैर पसार रहा है। ग्रामीण स्तर से अधिक पीड़ित लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, डेंगू का भी खतरा मंडराने लगा है। इससे स्वास्थ्य विभाग हैरान है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और बीमारियों से बचाव को लेकर अभियान शुरू करा दिया गया है। फिलहाल जुलाई माह में विभाग ने अलग-अलग टीमों को गठन कर सर्वे कराया है। देहात क्षेत्रों में करीब 60 गांवों का सर्वे किया गया है। जिनमें टीम ने ग्रामीणों के करीब चार हजार घरों पर दस्तक देकर मच्छरों के लार्वा, बीमारियों और उनके फैलने के कारणों की जांच की है। विभाग ने करीब 43 घरों में जानलेवा डेंगू, मलेरिया एडीज मच्छरों का लार्वा पाया है। मकानों के कोने और गमलों के साथ कूलर में यह लार्वा पाया गया है। विभाग ने इन सभी लोगों को नोटिस देेकर लार्वा पनपने के बाबत लापरवाही का जवाब मांगा है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ अलका सिंह ने बताया कि सर्वे कराया है, जिसके आधार पर विभिन्न गांवों के 43 लोगों को नोटिस भेजकर मच्छरों का लार्वा मिलने पर जवाब मांगा है। आगे भी जांच पड़ताल कराई जा रही है।
स्कूलों के लिए शिक्षक किए ट्रेंड
मुजफ्फरनगर। जिले के करीब 1163 विद्यालयों में एक-एक शिक्षक को चुनकर जिला मलेरिया विभाग की ओर से ट्रेनिंग दी गई है। शिक्षकों को बताया गया है कि विद्यार्थियों को मलेरिया, डेंगू के साथ अन्य बीमारियों से बचाव की जानकारी देकर जागरूक किया जाए।
शहर में भी शुरू हुई फॉगिंग
मुजफ्फरनगर। मलेरिया विभाग की ओर से शहर में भी फॉगिंग का कार्य शुरू कराया गया है। मलेरिया विभाग के साथ नगर पालिका की टीम भी लगाई गई है। जो होटलों, ढाबों के साथ मलिन बस्तियों में फॉगिंग कर मच्छरों के लार्वा को नष्ट करेगी।