ठेलों पर खाद्य सामग्री बेचने वालों की होगी निगरानी
मुजफ्फरनगर। सड़कों के किनारे खड़े खाद्य सामग्री के ठेलों पर भिनभिनाती मक्खियां और आसपास फैली पड़ी गंदगी का नजारा आम रहता है। बड़ी संख्या में लोग ऐसे माहौल में भी खाते-पीते हैं और बीमारी का शिकार हो जाते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस दिशा में काम करना शुरू किया है। ठेले वालों की निगरानी शुरू हो गई। अभियान चलाकर चेकिंग की जा रही है और उन्हें साफ-सफाई बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग अमूमन दुकानों आदि पर ही जांच करता है या सैंपल आदि लेता है। ठेले पर खाद्य सामग्री बेचने वालों को छोटा मानकर छोड़ दिया जाता था, लेकिन यहां पर एक बड़ा तबका खाता-पीता है। खासतौर से चाट-पकौड़ी, जूस आदि के ठेलों पर अच्छी खासी भीड़ रहती है। इसी के साथ सड़कों के किनारे लगे ठेलों पर छोले-भटूरे, कुल्चे आदि खाने के लिए भी लोग उमड़े रहते हैं, लेकिन इन पर सफाई का स्तर बेहद खराब रहता है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने ठेलों पर साफ-सफाई रखने तथा गंदगी नहीं फैलाने को लेकर अभियान शुरू किया है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी विनीत कुमार का कहना है कि ठेलों पर गंदगी का स्तर ज्यादा रहता है। विभाग ने इनकी चेकिंग की अभियान शुरू किया है। ठेलों की जांच की जाएगी। ठेला संचालक को साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए जाएंगे, साथ ही डस्टबिन रखवाए जाएंगे। इससे गंदगी नहीं फैलेगी। यदि कोई ठेला संचालक निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ठंडे बस्ते में गया फूड फेयर का आयोजन
जिला प्रशासन की ओर से प्रस्तावित फूड फेयर का आयोजन ठंडे बस्ते में चला गया है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने शुरुआत में 26 जनवरी के बाद फूड फेयर का आयोजन करने की घोषणा की थी। डीएम राजीव शर्मा ने भी इसका कार्यक्रम घोषित कर दिया था, लेकिन आयोजन नहीं हो सका। इन दिनों परीक्षाएं शुरू हो गईं हैं। कार्यक्रम में स्कूलों को प्रतिभाग करना था। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के व्यस्त होने के कारण कार्यक्रम का आयोजन टाल दिया गया है। फिर चुनाव की घोषणा होने वाली है। आगे भी इसका आयोजन हो पाना संभव नहीं होगा।