विवाहिता की हत्या में पति-ससुर दोषी करार
मुजफ्फरनगर। अदालत ने विवाहिता को जलाकर मारने वाले पति और ससुर को हत्या करने का दोषी करार देते हुए जेल भेजा है। पिता-पुत्र को शुक्रवार सजा सुनाई जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली जिले के थाना थानाभवन पर बागपत जनपद के बड़ौत क्षेत्र के गांव शाहपुर बड़ौली निवासी संतराम ने 24 दिसंबर 2011 को अपनी बहन की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बहन गजेंद्री की शादी सन 1996 में शामली के मोहल्ला रामनगर निवासी हरपाल के बेटे सुधीर के साथ हुई थी। पांच साल बाद गजेंद्री के ससुराल वाले शामली का मकान बेच कर हरियाणा के पानीपत जनपद के गांव सनौली खुर्द में रहने लगे थे। गजेंद्री का पति सुधीर कुछ काम नहीं करता था और शराबी भी था। वह उसकी बहन से दहेज के रूप में पैसा की मांग करता था। पैसा न लाने पर वह मारपीट भी करता था। 16 दिसंबर 2011 को उन्हें सूचना मिली कि उसकी बहन गायब है। इस बारे में उसकी ससुराल वालों से पता किया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। फिर उसकी गुमशुदगी पानीपत सदर थाने में दर्ज कराई थी। मोर्चरी पर जाकर लाश को देखा तो उसकी पहचान गजेंद्री के रूप में की गई। मुकदमें में मृतका के पति सुधीर और ससुर हरपाल को आरोपी बनाया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या-1 में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त पति सुधीर और ससुर हरपाल को हत्या करने और लाश छुपाने का दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। हत्यारों को शुक्रवार यानि आज सजा सुनाई जाएगी।