अलंकरण समारोह: मेधावियों के सवाल, विशेषज्ञों के जवाब
मुजफ्फरनगर। मेधावी अलंकरण समारोह में वर्ष 2017-18 के शैक्षिक सत्र में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से चमके छात्र-छात्राओं ने आगे की पढ़ाई को लेकर विशेषज्ञों से सवाल-जवाब किए। काउंसलिंग की प्रक्रिया में आईएमएस गाजियाबाद से आई डॉ गीती शर्मा और डॉ शीतल मलिक ने इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को करियर के संदर्भ में नई बातें बताई। छात्र-छात्राओं ने इंजीनियरिंग, मेडिकल, ह्यूम्निटी, बीबीए, बीसीए, बीजीएमसी, एमएससी, पीएचडी आदि कोर्स से जुड़े सवाल पूछे। अपनी जिज्ञासाओं के समाधान पर विद्यार्थी संतुष्ट नजर आए। संजय शर्मा, श्रीकांत अस्थाना, आशुतोष, कपिल शर्मा आदि ने काउंसलिंग में मेधावियों और अभिभावकों का मार्गदर्शन किया।
बच्चों ने माता-पिता को दिया कामयाबी का श्रेय
मुजफ्फरनगर। मेधावी छात्र-छात्राओं ने 12 वीं में अपनी सफलता के पीछे माता-पिता के सहयोग को मंच से बयां किया। साबिया परवीन ने सुनाया-ऐ जिंदगी कुछ दे दिया कर, कभी मेरे पापा की तरह बन के दिखा। संभवी त्यागी ने कहा कि परीक्षा में मम्मी-पापा ने कभी कितने प्रतिशत मार्क्स लाने है यह दबाव नहीं बनाया, बस इतना कहा कि अपनी क्षमता का सौ प्रतिशत करो। निशांत मलिक ने बताया कि पैरेंट्स ने परीक्षा के दौरान भावनात्मक रूप से सपोर्ट कर हौसला बढ़ाए रखा। आकृति सरावा ने कहा कि उनकी सफलता में अभिभावक के साथ भाई से मदद मिली। पढ़ाई का कोर्स वह पहले ही तैयार करती थी, जिससे उसे क्लास में मेधावी बनने का गौरव मिला। शिवानी ने कहा कि आर्थिक दिक्कतों से मुझे किताबे लेट मिली, लेकिन मां ने हमेशा साथ दिया।
स्किल डेवलपमेंट और सही गाइडेंस चुने विद्यार्थी
मुजफ्फरनगर। एजूकेशन एक्सपर्ट से संवाद में मेधावियों ने माना कि रुचि के अनुरूप ही करियर चुनने से ज्यादा उपलब्धियां हिस्से में आती है। सिर्फ इतना ही नहीं, मानसिक संतुष्टि भी मिलती है। स्किल डेवलपमेंट, सही गाईडेंस और जीवन में संतुलन के मुद्दे पर छात्र-छात्राओं की राय एक नजर आई। वक्ताओं ने भी कहा कि अभिभावक अपनी इच्छाओं को बच्चों पर नहीं थोपे, केवल उन्हें शैक्षिक माहौल दे और अच्छे गुरुजनों से शिक्षा दिलाए।
झलकियां
- अमर उजाला के अलंकरण समारोह में मेधावी बेटियों की बड़ी उपस्थिति रही। अतिथियों ने शिक्षा क्षेत्र में बेटियों के बढ़ते कदम पर उत्साहवर्धन किया
- रजिस्ट्रेशन डेस्क पर समारोह के अंतिम चरण तक जिले भर से आए छात्र-छात्राओं की पंजीयन के लिए भीड़ रही।
- खचाखच भरे बैंक्वेट हॉल में इंटरमीडिएट के टॉपरों में डीयू में एडमिशन को लेकर उत्सुकता देखी गई। दूसरी सूची में सबको नाम आने का इंतजार है।
- समारोह में उपस्थित नहीं हो पाए मेधावियों के माता-पिता ने सम्मान हासिल किया।