ड्रग्स बाबू धर्मेंद्र का लखनऊ तबादला
मुजफ्फरनगर।
ड्रग्स विभाग में बाबू की कुर्सी पर कई दशक से जमे लिपिक धर्मेंद्र कुमार का तबादला लखनऊ किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के प्रभारी अपर आयुक्त के 27 अप्रैल के आदेश में उन्हें आयुक्त कार्यालय लखनऊ में कनिष्ठ सहायक पद पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले वर्ष खतौली के प्रापर्टी डीलर सुबोध शर्मा की मोदीपुरम में हुई हत्या की वारदात में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के कनिष्ठ सहायक धर्मेंद्र कुमार को हटा दिया गया है। दो दशक से ज्यादा वक्त से ड्रग्स अनुभाग में जमे लिपिक अपने क्रियाकलापों को लेकर चर्चाओं में रहे। राजनीतिक रसूख के दम पर विभाग में उनकी तूती बोलती रही। डेढ़ वर्ष पहले तत्कालीन ड्रग्स निरीक्षक राजेश यादव से उनका विवाद डीएम से लेकर लखनऊ तक पहुंचा था। एडीएम प्रशासन मनोज कुमार सिंह ने ड्रग्स विभाग को सीएमओ ऑफिस से कलक्ट्रेट में शिफ्ट करा दिया था। इसी दौरान डीआई राजेश यादव को मेरठ की सतर्कता विभाग की टीम ने 50 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। यह कार्रवाई खतौली के प्रापर्टी डीलर सुबोध शर्मा की शिकायत पर हुई थी। इस मामले के कुछ माह ही मोदीपुरम में शादी से लौटते हुए सुबोध शर्मा की गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी ने डीआई समेत लिपिक धर्मेंद्र कुमार को भी हत्या में नामजद कराया था। तत्कालीन सपा सरकार में पार्टी जिलाध्यक्ष सतेंद्र सैनी ने लिपिक की कार्यप्रणाली की शिकायत अखिलेश यादव से की थी। शासन ने उन्हें जिले से हटाने के निर्देश दिए, मगर लिपिक ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ के प्रभारी अपर आयुक्त एके जैन ने तत्काल प्रभाव से लिपिक धर्मेंद्र कुमार का तबादला लखनऊ कर दिया है। उन्हें बिना प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा किए कार्य मुक्त होने के आदेश दिए गए हैं।